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-तेरी पार करेंगे नइया, भज मन राघव रमैय्या.....

-तेरी पार करेंगे नइया, भज मन राघव रमैय्या.....

- स्वामी राम भद्राचार्या जी ने भगवान राम के मत्स्य अवतार का किया बखान

लखनऊ। निज संवाददाता।

तेरी पार करेंगे नइया, भज मन राघव रमैय्या भगवान राम के गुणों का बखान करते हुए जब रामानन्दाचार्या स्वामी राम भद्राचार्य जी महाराज ने मधुर भजन को सुनाया तो वहां मौजूद भक्त हाथों में करताल लिए नाचने लगे। मौका था मोती महल लॉन में नौ दिवसीय श्रीराम कथा का। रामकथा के दूसरे दिन गुरूवार को तेज धूप के बाद भी भक्तों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी के बड़े भाई राम स्वरूप कोविंद ने स्वामी से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक हरिओम तिवारी ने उनको मोमेंटों और पुष्पगुच्छ देकर उनका सम्मान किया। मानस के दशावतार विषय पर प्रवचन देते हुए स्वामी राम भद्राचार्य जी महाराज ने भक्तों से कहा कि पृथ्वी पर जब-जब संकट आया तब-तब भगवान ने अवतार लेकर अपने भक्तों का कल्याण किया। भगवान विष्णु के दस अवतारों को दशावतार कहा गया है। उन्होंने कभी मत्स्य, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, ,बुद्ध और कभी कल्कि के रुप में अवतार लेकर अपने भक्तों को संकट के फंदे से बाहर निकाल कर उनका उद्धार किया। उनके पहले अवतार मत्स्य के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हर तरफ जब संकट के बादल मंडरा रहे थे तब भगवान ने मत्स्य अवतार लेकर पृथ्वी को नाव बनाकर और स्वंय नाविक बनकर पृथ्वी को डूबने से बचाया था। भक्तों ने उत्साह के साथ उनकी ज्ञानवाणी को सुना।

-स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि भगवान बिना भक्तों के अधूरें हैं भक्त और भगवान एक दूसरे के पूरक हैं। भगवान के चरणों में जब तक भक्त के आंसू नहीं गिरेंगे तब तक भक्त की नइया पार नहीं होगी। जीवन में अगर भगवान के प्रति भक्ति नहीं आती तो मनुष्य का जीवन व्यर्थ है। भगवान के दशावतार सुनने से भक्तों में भक्ति आती है और सारा अंहकार दूर हो जाता है।

-लखनऊ में हर साल करूंगा कथा

जब तक मेरा जीवन रहेगा तब तक मैं लखनऊ में कथा कहता रहूंगा। यह बातें स्वामी ने अपने प्रवचन के दौरान कही उन्होंने कहा कि मोती के रूप में भगवान श्रीराम के गुणों को बिखेरता रहूंगा। पुरूषोत्तम मास के दूसरे दिन पुरूषोत्तम राम का बखान करके मुझे बेहद खुशी मिल रही है। अगले साल भरत की कथा को प्रस्तुत करूंगा। इस बात को सुनकर श्रोताओं ने जोरदार तालियां बजाकर अपनी खुशी जाहिर की।

-लोकगायिका कमला श्रीवास्तव ने दी प्रस्तुति

अवध की लोकगायिका कमला श्रीवास्तव ने इस अवसर पर निहारो जानकी राम रघुवर की शोभा को ढ़ोल ताशों की संगत पर जब अपनी प्रस्तुति दी तो श्रोता भक्ति के रंग में रंग गए। उनके गीत की प्रशंसा करते हुए स्वामी राम भद्राचार्य ने कहा कि भगवान भारत में ही अवतार लेते हैं और कहीं नहीं। इस अवसर पर डॉ अवनीश द्विवेदी,ज्ञानेन्द्र तिवारी, अनूप पांडे, शैलेष तिवारी, राजेश तिवारी, मनोज तिवारी उमेश, अवधेश, हरिप्रसाद गुप्ता मौजूद रहे।

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