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इंसान का सबसे बड़ा गुण है कर्तव्यों का पालन करना

- राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में नाटक 'माधवी' का हुआ मंचन

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

इंसान का सबसे बड़ा गुण कर्तव्यों का पालन करना होता है। जिस व्यक्ति ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया वह जिम्मेदारियों को नहीं निभा सकता। ऐसा ही संदेश बुधवार को राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में 'माधवी' नाटक के जरिए दर्शकों को दिया गया।

महाभारत कालीन परिवेश में दिखाए गए नाटक की शुरुआत मुनिकुमार गालव से होती है। जो गुरु विश्वामित्र को गुरुदक्षिणा के लिए आठ सौ घोड़े देने के लिए ययाति ऋषि के आश्रम जाते हैं। गालव की गुरुभक्ति से प्रभावित हो ययाति ऋषि अपनी बेटी माधवी को उन्हें दान देते हैं। चिरकौमार्य का वरदान प्राप्त माधवी के पुत्र के चक्रवर्ती राजा बनने की भविष्यवाणी चर्चित होती है।

गालव ऋषि के लिए घोड़ों के प्रबंध के लिए माधवी नरेश हर्यश्च, काशी नरेश दिवोदास, भोजनगर के नरेश उशीनर की रानी बनकर तीन पुत्रों को जन्म देती है। हर राज्य से दो-दो सौ घोड़े जुटाकर विश्वामित्र के आश्रम भेजती है। आखिर में विश्वामित्र के ही आश्रम पहुंचकर अपने कर्तव्य पालन की दुहाई देकर बचे दो सौ घोड़े प्राप्त कर दोबारा उन्हीं को दे देती है। ययाति प्रसन्न हो माधवी का स्वयंवर कराते हैं और कामना करते हैं कि माधवी गालव को ही वर के रुप में चुने लेकिन गालव जब माधवी को चिरकौमार्य अनुष्ठान करने को कहते हैं तो माधवी उन्हें अस्वीकार कर चल देती है। नाटक में जेपी पांडेय, अमित सिन्हा, विकास दुबे, शुभा चतुर्वेदी, नितेश कुमार, पूजा, नागपाल, शिखा और सोनू वर्मा ने शानदार अभिनय किया। नाटक को भीष्म साहनी ने लिखा है। जबकि उसक निर्देशन विनय श्रीवास्तव ने किया।

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