
लखनऊ में ना हो इंदौर जैसा हादसा; नल में गंदे पानी की आपूर्ति के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग
लखनऊ के हुसैनगंज क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति से त्रस्त लोगों का सब्र मंगलवार को आखिरकार टूट गया। दर्जनों लोग सड़क पर उतर आए और जलकल विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। बता दें कि हाल ही में इंदौर में गंदे पानी से 21 लोगों की मौत हो गई थी।
यूपी की राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति से त्रस्त लोगों का सब्र मंगलवार को आखिरकार टूट गया। डायमंड डेयरी के पास बर्फखाना, कानपुर डेयरी और आसपास के इलाकों के दर्जनों लोग सड़क पर उतर आए और जलकल विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बीते करीब 20 दिनों से नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। बता दें कि हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर में गंदे पानी से 21 लोगों की मौत हो गई थी।
हुसैनगंज क्षेत्र में मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नलों से आ रहे पानी को बाल्टियों और बर्तनों में भरकर दिखाया। पानी से तेज बदबू आ रही थी, जिससे साफ जाहिर था कि इसमें सीवर का पानी मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस पानी को देखकर कोई भी इसे पीने या रोजमर्रा के इस्तेमाल में लाने की हिम्मत नहीं कर सकता।
क्या मध्य प्रदेश जैसी मौतों का इंतजार?
आक्रोशित लोगों ने सवाल उठाया कि क्या जलकल विभाग किसी बड़े हादसे या मध्य प्रदेश जैसी त्रासदी का इंतजार कर रहा है। लोगों का कहना था कि अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा। क्षेत्रीय निवासी इस्लाम अली ने बताया कि हालात बेहद खराब हैं और प्रशासन की उदासीनता के कारण ही जनता को सड़क पर उतरना पड़ा।

नई बस्ती, क्ले स्क्वायर और बर्फखाना में हालात बदतर
इसी क्षेत्र की नई बस्ती, क्ले स्क्वायर और बर्फखाना पूरे इलाके में जलकल विभाग की घोर लापरवाही सामने आ रही है। पुरानी और जर्जर पानी की लाइनें कई जगह नालों से सटी हुई हैं। इन्हीं टूट-फूट वाली लाइनों के कारण सीवर का पानी घरों तक पहुंच रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग नहाने और खाना बनाने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
20 दिन से शिकायतें, समाधान शून्य
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पार्षद से लेकर जलकल कार्यालय तक दर्जनों बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन न तो पाइपलाइन बदली गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। बच्चों और बुजुर्गों में पेट संबंधी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
वीआईपी इलाके में भी लापरवाही
हैरानी की बात यह है कि यह इलाका वीआईपी क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां मुख्यमंत्री समेत कई प्रमुख लोगों के आवास हैं। इसके बावजूद जलकल विभाग की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। लोगों की मांग है कि जर्जर पाइपलाइन तुरंत बदली जाए, नालों से गुजर रही लाइनों को हटाया जाए और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।





