
5 पीसीएस समेत 7 अफसरों को लापरवाही बरतनी पड़ी भारी, नगर आयुक्त ने लिया सख्त ऐक्शन
यूपी की राजधानी लखनऊ में 5 पीसीएस समेत 7 अफसरों को लापरवाही बरतनी भारी पड़ गई। समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त खासे नाराज नजर आए। इसके बाद नगर आयुक्त ने सख्त ऐक्शन लिया है।
लखनऊ में नगर निगम में टैक्स वसूली को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने वसूली में गंभीर लापरवाही बरतने वाले पांच पीसीएस अधिकारियों सहित कुल सात अफसरों का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। समीक्षा बैठक में इन अधिकारियों के क्षेत्रों की वसूली बेहद कम पाई गई, जिससे नगर आयुक्त खासे नाराज नजर आए। मीटिंग में ही उन्होंने इन अफ़सरों का वेतन रोकने का आदेश जारी किया।
जिन पीसीएस अधिकारियों का वेतन रोका गया है, उनमें एसडीएम रामेश्वर प्रसाद, विकास सिंह, विनीत सिंह, संजय यादव और पीसीएस आकाश कुमार शामिल हैं। ये सभी अधिकारी जोनल अधिकारी का भी चार्ज संभाल रहे हैं, इसके बावजूद टैक्स वसूली में इनका प्रदर्शन बेहद खराब पाया गया। इसके अलावा जोन-1 के जोनल अधिकारी ओपी सिंह और जोन-6 के जोनल अधिकारी अमरजीत यादव का भी वेतन रोक दिया गया है।
20 से ज्यादा टैक्स इंस्पेक्टरों को चेतावनी, जनवरी बना अग्निपरीक्षा
नगर आयुक्त ने केवल वेतन रोकने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी। 20 से अधिक टैक्स इंस्पेक्टरों को सख्त चेतावनी दी गई है। नगर आयुक्त ने दो टूक कहा कि अगर जनवरी माह में टैक्स वसूली में सुधार नहीं हुआ तो इन इंस्पेक्टरों का वेतन भी रोका जाएगा।
फील्ड में नदारद जोनल अफसर, कुर्सी से चल रहा प्रशासन
सूत्रों के मुताबिक, जो पीसीएस अधिकारी जोनल अफसर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उनमें से कई फील्ड में जाने से कतरा रहे हैं। टैक्स वसूली में उनकी रुचि बेहद कम है। हकीकत यह है कि इंस्पेक्टर और कर अधीक्षक ही सारा फील्डवर्क संभाल रहे हैं, जबकि जोनल अफसर सिर्फ फाइलों तक सीमित हैं। इसी वजह से टैक्स वसूली पर सीधा असर पड़ा है।





