लखनऊ में एक और जघन्य हत्याकांड, किशोरी से की दरिंदगी की कोशिश, कपड़े फाड़े, विरोध पर...
लखनऊ के 17 वर्षीय किशोरी की निर्मम हत्या कर दी गई है। आरोपी मौसा दवा दिलाने के बहाने किशोरी को पीपा पुल के पास सुनसान इलाके में ले गया। वहां रेप का प्रयास किया। किशोरी के कपड़े फाड़ दिए। विरोध करने पर किशोरी को गोमती नदी में फेंक दिया

UP News: लखनऊ में एक और जघन्य हत्याकांड हुआ है। मड़ियांव इलाके के पीपा पुल के पास सूनसान इलाके में 17 वर्षीय किशोरी से उसके मौसा ने दुष्कर्म का प्रयास किया। उसके कपड़े फाड़ दिए। धक्का देकर किशोरी भागी तो मौसा ने उसे नदी में फेंककर मार डाला। इसके बाद अपहरण की कहानी रचकर परिवारीजनों और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस की घंटों तफ्तीश के बाद सीसी फुटेज से घटना का राज खुला। एसडीआरएफ के गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद किशोरी का शव अर्धनग्न हालत में निकाला। आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात स्वीकारी।
पुलिस उपायुक्त उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी के मुताबिक किशोरी अपने भाई के साथ कई सालों से मौसा-मौसी के साथ रह रही थी। वह कुछ दिन से बीमार थी। 32 वर्षीय मौसा बुधवार शाम बाइक से किशोरी को दवाई दिलाने जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद देर शाम उसने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी कि कुछ कार सवारों ने पीपा पुल के पहले उसे रोका। जमकर पीटा और फिर भतीजी को कार में डाल कर ले गए।
अपहरण की सूचना पर अपर पुलिस उपायुक्त ऋषभ रुणवाल के निर्देशन में एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्र, इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा के निर्देशन में पांच टीमें गठित की गईं। टीमों ने सीसी फुटेज और सर्विलांस से मोबाइल का डेटा निकालना शुरू किया। सीसी फुटेज से रात करीब नौ बजे पता चला कि किशोरी मौसा के साथ बाइक से अकेले पीपा पुल पर जाती दिखी। शक पर उसे हिरासत में ले लिया गया।
पूछताछ में पता चला कि किशोरी का अपहरण नहीं हुआ है। नदी में फेंका गया है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को सूचना दी गई। गोताखोरों ने देर रात तक किशोरी की खोजबीन की पर वह नहीं मिली। गुरुवार सुबह फिर से टीम लगाई गई। सुबह करीब नौ बजे गोताखोरों ने खोज निकाला। इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा ने बताया कि किशोरी के भाई की तहरीर पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। अब हत्या की धारा में तरमीम कर दिया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खेत में मिले कुछ कपड़े
पुलिस सूत्रों के मुताबिक किशोरी को उसका मौसा खेत के पास सूनसान इलाके में ले गया था। उसके कुछ कपड़े और चप्पल खेत में पड़े थे। किशोरी के कपड़े भी फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए रखे हैं।
पैनल ने किया पोस्टमार्टम
महिला डॉक्टर और फोरेंसिक विशेषज्ञों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। वीडियोग्राफी भी की गई। पोस्टमार्टम में मौत का कारण डूबना आया है। इसके अलावा दुष्कर्म की आशंका पर स्लाइड भी बनाई गई है।
पुलिस के सवालों में फंसा आरोपी
इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी पहले बरगलाता रहा। उसने बताया कि पीपा वाले पुल के पहले कार सवारों ने भांजी का अपहरण किया। उसे सीसी फुटेज दिखाकर पूछताछ की कि वह पीपे वाले पुल पर किशोरी को बाइक पर ले जाते दिखा तो वह फंस गया। सख्ती की गई तो उसने हत्या की बात स्वीकार की।
यहियागंज में रहता है किशोरी का पिता
इंस्पेक्टर ने बताया कि किशोरी का पिता यहियागंज में नौकरी करता है। वह अलग रहता है। किशोरी की मां ने वर्ष 2016 में उसके पिता को छोड़ दिया था। उसके बाद से किशोरी और उसका भाई मौसा के साथ रह रहे थे।
कई बार पहले भी छेड़ चुका
किशोरी के भाई ने बताया कि मौसा उसकी बहन पर गलत नजर रखता था। कई बार पहले भी छेड़छाड़ कर चुका था। भाई-बहन उसके घर पर रहते था। इसलिए विरोध नहीं कर सके।
पत्नी ने खोली पोल
मृतका के मौसा की नौ माह की एक बेटी भी है। मौसी ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद वह पति के साथ वह उतराखंड गई थी। उसने एक महिला से छेड़छाड़ की थी। पत्नी ने बताया कि शादी के बाद भी मोहल्ले की महिलाओं और लड़कियों से छेड़छाड़ करता था, जिसका वह विरोध करती थी।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


