लखनऊ में बेटे ने ही शराब कारोबारी बाप को मार डाला, हाथ-पैर काटकर शव ड्रम में छिपाया
Lucknow Son Killed Father: यूपी की राजधानी लखनऊ में सनसनीखेज मर्डर सामने आया है। लखनऊ में शराब कारोबारी की बेटे ने गोली मारकर हत्या कर दी। आधा शव घर में ही ड्रम में पाया गया। हाथ और पैर गायब है। पुलिस ने आधा शव कब्जे में ले लिया है।

Lucknow Son Killed Father: यूपी के लखनऊ में आशियाना सेक्टर एल में दिल को दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां शराब कारोबारी के बेटे ने जमकर वहशीपन दिखाया। बेटे ने शराब कारोबारी पिता मानवेंद्र सिंह (45) की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को टुकड़ों में कर दिया। हाथ-पैर काट डाले। आधे शव को घर में रखे ड्रम के अंदर छिपा दिया। पुलिस ने आधा शव कब्जे में ले लिया है तथा आधे की तलाश कर रही है। बेटे अक्षय प्रताप सिंह को हिरासत में ले लिया है। डीसीपी का कहना है कि बेटे ने ही 20 फरवरी की राय में लाइसेंसी रायफल से गोली मारी थी। छोटी बहन कृति को किसी को सूचना न देने की धमकी दे रखी थी। घटना की जानकारी पर डीसीपी सेंट्रल, एसीपी कैंट, आशियाना कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल की जांच पड़ताल जारी है।
मूलरूप से जालौन कोतवाली के उदयपुरा निवासी मानवेंद्र सिंह (45) आशियाना सेक्टर एल स्थित तीन मंजिला मकान में परिवार के साथ रहते थे। इनकी आशियाना और कानपुर रोड बाराबिरवा चौराहे पर शराब दुकान है। सालेहनगर और बुद्धेश्वर में पैथोलॉजी सेंटर है। इनकी पत्नी ने 2017 में मौत हो चुकी है। आशियाना स्थित घर में दूसरे और तीसरे फ्लोर पर बेटे अक्षय प्रताप सिंह (20) तथा बेटी कृति (17) के साथ रहते थे। अक्षय बीकॉम का छात्र है और कृति 11वीं में पढ़ती है। ग्राउंड फ्लोर मेहमानों के लिए था, पहली मंजिल पर छोटे भाई पुलिस इंस्पेक्टर एसएस राजावत, दूसरे और तीसरे तल पर खुद रहते थे। राजावत सचिवालय सुरक्षा में तैनात हैं और इन दिनों गांव गए हुए थे।
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 7 बजे अक्षय प्रताप आशियाना कोतवाली पहुंचा और तहरीर दी। इसमें कहा कि उसके पिता 20 फरवरी की सुबह 6 बजे दिल्ली जाने के लिए निकले थे। बताया था कि 21 फरवरी तक लौट आएंगे लेकिन अभी तक नहीं आए। उनके तीनों मोबाइल नंबर भी बंद है। अनहोनी की आशंका जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई। उधर, थाने से लौटने के बाद अक्षय ने मानवेंद्र के मित्र सोनू गुप्ता ने बताया कि पिता ने खुदकुशी कर ली है। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई। सोनू गुप्ता और पड़ोसी भी घर पहुंचे और कड़ाई से पूछताछ की तो पता चला कि 20 फरवरी को अक्षय ने रायफल से गोली मार दी थी.। मौत के बाद शव काट दिया है और शरीर के ऊपर का हिस्सा ड्रम में सुरक्षित कर लिया। पुलिस ने जब घर की तलाशी ली तो तीसरी मंजिल पर ड्रम में शव के ऊपर का हिस्सा मिला लेकिन हाथ पैर गायब हैं। घर में ही 20 लीटर के गैलेन में एसिड पाया गया। पुलिस का दावा है कि अभय प्रताप एसिड से शव जलाने की तैयारी कर रहा था।
डीसीपी ने बताया कि आरोपी अक्षय को हिरासत में ले लिया गया है। जांच में पता चला कि मानवेंद्र के छोटे भाई पुलिस इंस्पेक्टर एसएस राजावत 20 फरवरी को ही गांव गए थे। वह 22 फरवरी को गांव से लौटे हैं। जानकारी होने पर मानवेंद्र के पिता रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर एसपी सिंह भी पहुंच गए। घटना के बारे में इन सभी से पूछताछ की जाएगी।
डीसीपी मध्य विक्रांत वीर सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि मानवेंद्र सिंह बेटे पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का दबाव बनाते थे। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और इसी दौरान लाइसेंसी रायफल से बेटे ने गोली मार दी। मानवेंद्र सिंह के हाथ पैर गायब हैं। बाकी शव ड्रम में मिला है। आरोपी अक्षय ने छोटी बहन कृति को धमकाया था कि घटना की जानकारी किसी को न दे।
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लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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