राजधानी लखनऊ में प्लाट खरीदने का मौका, LDA की नई योजना में 2100 भूखंडों का होगा पंजीकरण
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अपनी नई 'वरुण विहार' आवासीय योजना लॉन्च करने जा रहा है। इसके प्रथम चरण में कैलाश और काशी खंड के लगभग 2100 भूखंडों (Plots) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण खोला जाएगा। आगरा एक्सप्रेस-वे के पास 330 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है।

राजधानी लखनऊ में प्लाट खरीदने का एक और मौका मिलने वाला है। लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी एलडीए की वरुण विहार योजना लांच होने का समय आ गया है। प्रथम चरण में कैलाश खण्ड और काशी खण्ड के लगभग 2100 भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला जाएगा। योजना के लिए 1300 किसानों से 330 हेक्टेयर से अधिक भूमि 1160 करोड़ रुपये में खरीदी जा चुकी है। मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गुरुवार को एलडीए के पारिजात सभागार में समीक्षा बैठक में प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी।
मण्डलायुक्त ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि उक्त आवासीय योजनाएं मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत स्वीकृत हैं। इसे ध्यान में रखते हुए भूमि के दाखिल खारिज आदि की कार्यवाही शीर्ष प्राथमिकता पर सुनिश्चित करायी जाए। बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सीपी त्रिपाठी, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।
कैलाश व काशी खण्ड के लिए पहले पंजीकरण
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आगरा एक्सप्रेस-वे पर 2270 हेक्टेयर क्षेत्रफल में योजना विकसित होगी, सदर व सरोजनीनगर तहसील के ग्राम-भलिया, आदमपुर इन्दवारा, बहरू आदि की भूमि किसानों से सहमति के आधार पर खरीदी जा रही है। जून में योजना लांच होगी। प्रथम चरण में कैलाश खण्ड व काशी खण्ड में 2100 भूखंडों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण खोला जाएगा। नैमिष नगर योजना सितम्बर में प्रस्तावित है।
निजी टाउनशिप की सुविधाओं का ऑडिट
शहर में निजी विकासकर्ताओं द्वारा विकसित की जा रही टाउनशिप में सार्वजनिक सुविधाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट होगा। जिससे कि यह सुनिश्चित कराया जा सके कि विकासकर्ताओं ने मौके पर स्वीकृत डीपीआर के अनुसार एसटीपी, पार्क, विद्युत उपकेन्द्र आदि का विकास कार्य कराये हैं या नहीं।
भूमि मुद्रीकरण के प्रस्तावों पर भी बैठक में हुई चर्चा
बैठक में भूमि मुद्रीकरण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसमें 1090 चौराहा, ऐशबाग, हरिहरपुर एवं जानकीपुरम योजना के पास अतरौली में स्थित नगर निगम के स्वामित्व वाली भूमि के मुद्रीकरण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। एलडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि उक्त भूमि प्राइम लोकेशन पर हैं और आवासीय एवं अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए काफी उपयोगी होंगी।
निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
वरुण विहार योजना के माध्यम से लखनऊ विकास प्राधिकरण का लक्ष्य न केवल आवास की कमी को दूर करना है, बल्कि आगरा एक्सप्रेस-वे के किनारे एक सुनियोजित उप-नगर (Satellite Town) विकसित करना भी है। जानकारों का मानना है कि इस प्राइम लोकेशन पर भूखंडों के आवंटन से लखनऊ के रियल एस्टेट बाजार में जबरदस्त उछाल आएगा। योजना के अंतर्गत अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, चौड़ी सड़कें, एलईडी स्ट्रीट लाइट और विशाल हरित क्षेत्र (Green Belt) विकसित करने का प्रस्ताव है।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना का हिस्सा होने के कारण यहां बुनियादी ढांचागत विकास बेहद तेज गति से होगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, वरुण विहार और इसके बाद आने वाली नैमिष नगर योजना से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का अपनी छत का सपना साकार हो सकेगा। भविष्य में इस क्षेत्र को ट्रांसपोर्ट नगर और एयरपोर्ट से जोड़ने वाली कनेक्टिविटी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे यह इलाका निवेश के लिहाज से राजधानी का सबसे हॉट डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


