लखनऊ KGMU हॉस्टलों के मेस में नॉनवेज पर रोक, शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना यासूब क्या बोले?
यूपी के लखनऊ केजीएमयू ने अपने हॉस्टलों की मेस में नॉनवेज भोजन बनाने और परोसने पर रोक लगा दी है। केजीएमयू परिसर में नॉनवेज भोजन पर लगाए गए प्रतिबंध का ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने प्रतिक्रिया दी है।
यूपी के लखनऊ में केजीएमयू ने अपने हॉस्टलों की मेस में नॉनवेज भोजन बनाने और परोसने पर रोक लगा दी है। यह निर्णय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश के बाद लिया गया। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने तीन हॉस्टलों की मेस में नॉनवेज बनने की बात कही थी। जबकि दो मेस में एक्सपायरी सब्जी मसालों का इस्तेमाल पाया था। वहीं केजीएमयू परिसर में नॉनवेज भोजन पर लगाए गए प्रतिबंध का ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले को लेकर अनावश्यक राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
राज्यपाल ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी हॉस्टल मेस संचालकों को नॉनवेज भोजन न बनाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। नॉनवेज के स्थान पर छात्रों को पनीर समेत अन्य प्रोटीनयुक्त शाकाहारी विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। केजीएमयू में बड़ी संख्या में छात्र शाकाहारी हैं। एक ही रसोई और बर्तनों में शाकाहारी व मांसाहारी भोजन बनने पर लंबे समय से छात्रों की आपत्तियां मिल रही थीं। इसी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि सहकारी (कोऑपरेटिव) मेस, जहां छात्र स्वयं भोजन बनाते हैं, उन्हें भी नॉनवेज न बनाने की सलाह दी गई है, हालांकि उनके लिए यह अनिवार्य नहीं होगा।
राज्यपाल के दीक्षांत समारोह में भाषण के बाद केजीएमयू प्रशासन ने हॉस्टल की मेस में नॉनवेज बंद करने को लेकर विवाद गहरा गया है। कुछ छात्रों का कहना है कि कोई क्या खाता है? किसी को कैसे कपड़े पहनना पसंद हैं? यह व्यक्ति की अपनी पसंद हो सकती है। जबरदस्ती अपनी सोंच को दूसरे पर नहीं थोपा जा सकता है। लिहाजा हॉस्टल में नॉनवेज पर रोक नहीं लगानी चाहिए। हां बर्तन आदि अलग भले किए जा सकते हैं।
नॉनवेज पर रोक का मौलाना यासूब ने किया स्वागत
नॉनवेज पर रोक का मौलाना यासूब ने स्वागत किया है। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि हर संस्थान और परिसर का अपना प्रशासन, नियम और परंपरा होती है, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे कई स्थानों पर केवल शाकाहारी (वेज) रेस्टोरेंट होते हैं। कई जगह नॉनवेज रेस्टोरेंट संचालित होते हैं, उसी तरह किसी संस्थान के अपने नियम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कुछ छात्र-छात्राएं नॉनवेज भोजन पसंद करते हैं। तो वे परिसर के बाहर खुले बाजार से अपनी पसंद का भोजन ले सकते हैं। इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के बजाय संस्थान के निर्णय का सम्मान करना चाहिए। मौलाना ने कहा कि ऐसे विषयों पर विवाद और सियासत से बचना ही सभी के हित में होगा।
छात्रों में आक्रोश
हॉस्टल मेस में नॉनवेज खाने पर रोक को लेकर छात्रों में खासी नाराजगी है। छात्रों का आरोप है कि यह साजिश के तहत किया जा रहा है। भोजन व्यक्ति विशेष की पसंद हो सकती है। इसमें किसी दूसरे की मर्जी नहीं थोपी जा सकती है। लिहाजा इस आदेश को रद्द कर राजनीति बंद की जाए।


