लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे किनारे रहने वालों को बड़ी राहत, वाहनों या हार्न का शोर नहीं सुनाई देगा
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) के एलिवेटेड और फ्लाईओवर वाले हिस्सों के किनारे रहने वाले लोगों को अब वाहनों के शोर और हॉर्न की आवाज से राहत मिलेगी। एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड रोड के दोनों तरफ लगभग 10 फीट ऊंचे आधुनिक 'ध्वनि रोधक बैरियर' (Sound Barriers) लगाए जा रहे हैं।

फ्लाईओवर या एलिवेटेड रोड के आसपास रहने वालों की नींद अब वाहनों के शोर और हॉर्न से नहीं उड़ेगी। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड रोड के बगल में बने आवासों और अपार्टमेंटों में रहने वालों तक 120 किलोमीटर की रफ्तार से गुजरते वाहनों का शोर और हॉर्न की आवाज नहीं पहुंचेगी। अभी तक एंटी विजिबल शीट लगाई जाती रही है। ऐसी शीट लखनऊ में शहीद पथ पर लगाई भी गई है। इससे शोर दबता नहीं था। नई शीट से कहा जा रहा है कि शोर काफी दब जाएगा।
ध्वनि रोधक बैरियर लगाए गए
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे (एनई-6) की लंबाई 62.7 किमी हैं, जिसमें लगभग 42 किमी ग्रीन फील्ड है, जो कि उन्नाव के बनी से शुरू होकर कानपुर के शुक्लागंज तक जाता है। शेष हिस्सा एलिवेटेड और फ्लाईओवर का है, जो कि लखनऊ में है। लखनऊ में नादरगंज फ्लाईओवर(कानपुर से आते समय वाली रोड पर) लगभग 800 मीटर लंबा है। एलिवेटेड रोड दो हिस्सों में है। पहला सरोजनीनगर में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के गेट के सामने से शुरू होकर दरोगा खेड़ा तक जाता है, यह 1.74 किमी लंबा है।
दूसरा एलिवेटेड रोड दरोगाखेड़ा से शुरू होता है और बनी तक जाता है, जो कि 9.6 किमी लंबा है। इन्हीं दोनों एलिवेटेड रोड के दोनों तरफ एनएचएआई ने ध्वनि रोधक बैरियर लगाए हैं। लगभग 10 फीट की ऊंचाई तक लगे ये बैरियर एल्युमिनियम और स्टीलयुक्त विशेष फ्रेम के बने हैं। फ्रेम के अंदर फाइबर का प्रयोग किया गया है।
हर पांच किमी पर मीडियन ओपनिंग बैरियर
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर हर पांच किमी पर मीडियन ओपनिंग बैरियर लगाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार चूंकि पूरे एक्सप्रेस वे पर डिवाइडर ऊंचे हैं, ऐसे में कोई हादसा होने पर सहायता के लिए एंबुलेंस पहुंचती है और घायल को लेकर उसे एक्सप्रेस वे के दूसरी तरह जाना है तो उसे आगे के टोल प्लाजा से निकल कर दूसरी तरफ से आना पड़ता। ऐसे में समय काफी लगता है। इस समय को ही बचाने के लिए हर पांच किमी पर मीडियन ओपनिंग बैरियर लगाए हैं, जिसे आवश्यकता पड़ने पर खोला जा सकेगा।
बैरियर में छोटे-छोटे छेद
पूरे बैरियर में छोटे-छोटे छेद हैं, जिसके जरिए वाहनों और हॉर्न का शोर अंदर जाता है तो उसे यह अंदर ही रोक लेते हैं। शोर को वापस उसी दिशा में भेजते हैं जिधर से आता है। एलिवेटेड रोड पर दोनों ही तरफ यह बैरियर लगाए गए हैं। जिसके चलते वाहनों का शोर एलिवेटेड रोड के इसी हिस्से में रह जाएगा। अभीएलिवेटेड रोड पर एंटी विजिबल शीट का प्रयोग किया जाता रहा है।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


