लखनऊ में गिराई जाएगी अग्निकांड वाली बिल्डिंग, आग ने छीन ली थीं 15 जिंदगियां; उल्टी गिनती शुरू
Lucknow fire tragedy : लखनऊ में वो बिल्डिंग गिराई जाएगी जिसमें लगी आग में जलकर 15 लोगों की मौत हो गई थी। बिल्डिंग के मालिक को इसे स्वयं गिराने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। यदि इतने समय में मकान मालिक ने मकान नहीं तोड़ा तो प्राधिकरण इसे स्वयं गिराएगा। ध्वस्तीकरण का खर्च मालिक से वसूला जाएगा।

Bulldozer action will take place in Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुलडोजर ऐक्शन की तैयारी है। शहर के अलीगंज के सेक्टर-डी में भूखण्ड संख्या 102 पर बनी जिस बिल्डिंग में आग से 15 युवाओं की मौत हो गई थी, अब उसके ध्वस्तीकरण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण के विहित प्राधिकारी अतुल कुमार ने शुक्रवार को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया। बिल्डिंग के मालिक को इसे स्वयं गिराने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। उक्त अवधि में निर्माण नहीं तोड़ने पर प्राधिकरण इसे स्वयं गिराएगा। इसके बाद ध्वस्तीकरण में होने वाला समस्त खर्च मालिक से वसूला जाएगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने शुक्रवार की शाम को टीम के साथ मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की नोटिस चस्पा कर दी।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि वीरेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र शुक्ला व अन्य द्वारा अलीगंज के सेक्टर-डी में भूखण्ड संख्या-एमएस-102 पर अवैध रूप से व्यावसायिक भवन का निर्माण कराया था। जिसके विरूद्ध विहित प्राधिकारी ने 23 जून को उप्र नगर योजना एवं विकास अधिनियम की धारा-27(1) के तहत नोटिस जारी किया था। इसमें विपक्षी को स्थल पर किये गये निर्माण कार्य की वैद्यता के सम्बंध में 15 दिन के अंदर साक्ष्य देने के निर्देश दिये गये थे। उक्त नोटिस स्थल पर चस्पा करने के साथ ही प्रति विपक्षी को जेल में भी प्राप्त कराई गई थी। बिल्डिंग को बचाने में जुटे वकील: बिल्डिंग को ध्वस्तीकरण से बचाने के लिए वकीलों ने एलडीए में नए बिल्डिंग बाईलाज का हवाला देते हुए तर्क दिया कि इसे गिराने की बजाय इसकी कम्पाउंडिग की जाए।
कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया
7 जुलाई को विहित प्राधिकारी न्यायालय में प्रकरण की पहली सुनवाई की गई। जिसमें विपक्षी के अधिवक्ता की अपील पर आपत्ति दर्ज करने के लिए एक दिन का समय दिया गया। विपक्षी के अधिवक्ता द्वारा 8 जुलाई को न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराई गई। इसपर प्रवर्तन जोन-4 द्वारा जवाब दाखिल किया गया। नौ जुलाई को विहित प्राधिकारी न्यायालय ने सुनवाई कर फैसला रिजर्व किया था। 10 जुलाई को व्यावसायिक निर्माण कार्य को अवैध घोषित कर ध्वस्त करने के आदेश दिए गए हैं। जोनल अधिकारी ने टीम के साथ बिल्डिंग पर आदेश की प्रति चस्पा कर दी है।
22 जून को अग्निकांड में हुई थी 15 युवाओं की मौत
इस बिल्डिंग में आग लगने से 22 जून को 15 युवाओं की मौत हो गई थी। बिल्डिंग का नक्शा आवासीय पास था। लेकिन इसके मालिकों ने इसे अवैध व व्यावसायिक बना लिया था। सेट बैक से लेकर सभी चीजें अवैध थी। एलडीए को अग्निकांड के बाद इसकी जानकारी हुई। इसमें पता चला कि प्राधिकरण के तत्कालीन अधिकारियों ने वर्ष 2016 से पहले इसके ध्वस्तीकरण का आदेश ही वापस ले लिया था। अगर उस समय अधिकारियों ने आदेश वापस न लिया तो बिल्डिंग गिर गई होती और 15 युवाओं की जान न जाती।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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