Lucknow Fire: आग से बचने के लिए पहली मंजिल से कूदा छात्र, कमर में धंसी गेट की ग्रिल
लखनऊ में लगी भीषण आग की लपटों से घिरने पर जान बचाने के लिए प्रथम तल से छलांग लगाने वाला एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। कूदने के दौरान गेट पर लगी सरिया उनकी कमर में धंस गई। जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। वहीं, दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

Lucknow Fire Tragedy: यूपी के लखनऊ के अलीगंज स्थित एनीमेशन सेंटर में लगी आग ने कई युवाओं की जिंदगी को झकझोर दिया। आग से बचने के लिए एक 26 साल के युवक ने फर्स्ट फ्लोर से छलांग लगा दी। लेकिन गेट पर लगी ग्रिल में उसके कमर में धंस गई। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। वहीं बिल्डिंग में आग लगने से अभी तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 9 लोग घायल हो गए।
अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एमएस-103 बिल्डिंग में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई।वहीं, आग लगने से बचने के लिए जयंत गुप्ता ने प्रथम तल से छलांग लगा दी। लेकिन कूदने के दौरान गेट पर लगी सरिया उनकी कमर में धंस गई, जिससे वह जख्मी हो गए। जयंत को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर लाया गया। जयंत ऐशबाग स्थित एलडीए कॉलोनी के रहने वाले हैं। उनके पिता प्रदीप कुमार ने कहा कि बेटा एनीमेशन का कोर्स कर रहा था। वहीं, दिल्ली के रहने वाले लवप्रीत भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई हैं। वह सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं। उनके शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं।
शीशा तोड़कर निकला पंकज पाइप के सहारे बचाई जान
आग की लपटें, दम घोटता धुआं और चारों तरफ चीखें... इस भयावह मंजर के बीच फंसे थे उत्तराखंड के पंकज। वह गहरे सदमे में हैं। पंकज ने बताया कि पल भर में चारों तरफ सिर्फ काला धुआं था। जब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं सूझा, तो हिम्मत कर खिड़की का शीशा तोड़ा। कांच के टुकड़ों के बीच रेलिंग के सहारे आगे बढ़कर, एक पाइप को पकड़कर वे किसी तरह नीचे उतरे। पंकज का कहना है कि हादसे के करीब एक घंटे बाद तक न फायर ब्रिगेड आई और न एंबुलेंस।
पापा, बायोमीट्रिक दरवाजा लॉक हो गया है
पंकज कहते हैं मेरी जान तो बच गई, लेकिन मेरा जिगरी दोस्त भविष्य हमेशा के लिए चला गया...। पंकज ने बताया कि अल्मोड़ा का रहने वाला भविष्य सिर्फ उनका दोस्त नहीं, उनके सपनों का हमसफर था। वहीं पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे भविष्य के रिश्तेदारों ने बताया कि आग की लपटों के बीच घिरे भविष्य ने फोन पर आखिरी बार पिता से बात की थी। उसने रोते हुए कहा था, ‘पापा, चारों तरफ आग है और बायोमीट्रिक दरवाजा लॉक हो गया है, खुल नहीं रहा है... हमें बचा लीजिए। इसके बाद फोन कट गया।
भीषण अग्निकांड के बाद जागा प्रशासन
लखनऊ भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद आखिरकार एलडीए हरकत में आ गया। सोमवार देर रात प्राधिकरण ने भवन पर ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा कर दिया। नोटिस में भवन स्वामियों को 15 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। जांच में सामने आया है कि आवासीय नक्शे पर निर्मित इस भवन का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। भवन में अग्निशमन मानकों, सेटबैक और अन्य जरूरी सुरक्षा प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था। हादसे के बाद एलडीए पर सवाल उठने लगे तो अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की।


