विरोध के बीच गरजता रहा बुलडोजर, दुकानदारों ने अधिकारियों को घेरा; नहीं थमी कार्रवाई
यूपी की राजधानी लखनऊ में दुकानदारों के विरोध के बीच बुलडोजर गरजता रहा। दुकानदारों ने अधिकारियों को घेर लिया। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं रुकी। कार्रवाई के दौरान हालात कई बार तनावपूर्ण हुए।

राजधानी लखनऊ के डंडहिया बाजार में बुधवार को नगर निगम ने सड़क पर बनी पक्की दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान दुकानदारों ने काफी हंगामा विरोध किया। जोनल अधिकारी को घेर लिया। कार्रवाई के दौरान हालात कई बार तनावपूर्ण हुए, लेकिन टीम पीछे नहीं हटी।
नगर निगम के अनुसार डंडहिया बाजार में सड़क पर कब्जा कर वर्षों से पक्की दुकानें बना ली गई थीं। इससे यातायात बाधित हो रहा था और सीएम ग्रिड योजना के तहत प्रस्तावित सड़क विकास कार्य अटका हुआ था। बार-बार नोटिस देने के बाद भी दुकानदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाया, जिसके बाद निगम ने सख़्त कार्रवाई का निर्णय लिया।
दुकानदारों का हंगामा
जैसे ही बुलडोज़र मौके पर पहुंचा, बड़ी संख्या में दुकानदार और स्थानीय लोग जमा हो गए। अधिकारियों को घेरकर विरोध शुरू कर दिया गया। कुछ दुकानदारों ने कार्रवाई रोकने की मांग करते हुए तीखी बहस की, तो कुछ ने हंगामा खड़ा कर दिया। हालात इतने बिगड़े कि पुलिस फोर्स बुलाने की ज़रूरत पड़ी, लेकिन शुरुआती समय में पुलिस मौके पर नहीं पहुंच सकी।
भीड़ के बीच ज़ोनल अधिकारी की सख़्ती
तनावपूर्ण हालात में भी एसडीएम, जोनल अधिकारी आकाश कुमार ने मौके पर मोर्चा संभाले रखा। बिना डरे उन्होंने टीम को निर्देश दिए और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखी। भीड़ को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन जब विरोध थमा नहीं, तो बुलडोज़र चलाकर दुकानों को गिराना शुरू कर दिया गया। हंगामे की सूचना पर कुछ स्थानीय नेता भी मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने लगे। दुकानदारों के पक्ष में दबाव बनाने की कोशिश हुई, लेकिन नगर निगम की टीम अपने फैसले पर अडिग रही। अधिकारियों ने साफ कहा कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सड़क और सार्वजनिक हित में की जा रही है।

लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
और पढ़ें



