एलपीजी संकट: सिलेंडर के इंतजार में गैस एजेंसियों पर भीड़, फल-सब्जी की तरह ठेलों पर बिक रहे उपले
यूपी के मेरठ में गुरुवार को भी गैस एजेंसियों से लेकर गोदामों तक लंबी लाइन लगी रही। तिरंगा गैस एजेंसी के हुमायूंनगर स्थित गैस गोदाम पर 200 मीटर से ज्यादा लंबी लाइन लगी रही। सिलेंडर लेने के लिए कई बार उपभोक्ताओं और एजेंसी कर्मियों के बीच नोकझोंक हुई।

यूपी के मेरठ में गुरुवार को भी गैस एजेंसियों से लेकर गोदामों तक लंबी लाइन लगी रही। तिरंगा गैस एजेंसी के हुमायूंनगर स्थित गैस गोदाम पर 200 मीटर से ज्यादा लंबी लाइन लगी रही। सिलेंडर लेने के लिए कई बार उपभोक्ताओं और एजेंसी कर्मियों के बीच नोकझोंक हुई। वहीं देहात क्षेत्र में भी गैस एजेंसियों पर लंबी कतार लगी रही। कई जगह नोकझोंक भी हुई।
जिला प्रशासन ने गैस के संकट को देखते हुए डीएसओ कार्यालय में कंट्रोल रूम खुलवाया है। जिसका नंबर 0121-2665277 है। कंट्रोल रूम कर्मियों ने बताया कि पहले रोजाना 30 से ज्यादा शिकायतें पहुंच रही थीं, लेकिन अब इसमें कमी आई हैं। अब 10 से 12 शिकायतें ही पहुंच रही हैं। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें बुकिंग के बाद भी सिलेंडर मिलने में देरी की हैं। इसे ठीक कराया जा रहा है। गैस कंपनियों के एरिया मैनेजरों से रोजाना रिपोर्ट ली जा रही है।
गली-मोहल्लों में रेहड़ी और ठेली पर बिकने लगे उपले
गांवों में अक्सर उपलों की बिक्री के नजारे दिख जाते हैं, लेकिन गैस संकट के चलते परेशान लोगों को शहर की गली-मोहल्लों में रेहड़ी-ठेली पर उपले बेचने वालों से इनकी खरीद करते देखा जा रहा है। शहर के प्रह्लादनगर, मंगलपांडेनगर, मोहनपुरी, सूरजकुंड, अब्दुल्लापुर समेत विभिन्न इलाकों में रेहडी-ठेली पर उपले बिक रहे हैं। रेहड़ी-ठेली वाले सीधे ग्रामीण इलाकों से उपले लाकर शहरी ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं। ठेली वाले छोटे-छोटे पैकेटों में अथवा प्रति किलोग्राम के हिसाब से उपले बेच रहे हैं। बाजार की तुलना में रेहड़ी पर उपले अक्सर सस्ती दर पर उपलब्ध हैं।
मांग बढ़ने के साथ कीमत में हो रहा इजाफा
गैस संकट के चलते उपलों और लकड़ियों की कीमत में इजाफा भी होने लगा है। पिछले दस दिनों में लकड़ी की फैक्ट्रियों में भी 30 से 40 फीसदी तक मांग बढ़ गई है। इसका बॉयलर में प्रयोग बढ़ा है।
लकड़ी : 50 से 60 रुपये प्रति पांच किलो
दूसरी ओर, शहरी क्षेत्र से लगे ग्रामीण इलाकों के साथ गांवों में भी गैस संकट के चलते चूल्हे जलने लगे हैं। ऐसे में 50 फीसदी से अधिक उपलों की डिमांड रही। लकड़ी और उपलों की बढ़ी मांग के बीच पांच रुपये से दस रुपये तक कीमत में प्रति पांच किलो तक पिछले दस दिनों में इजाफा हो चुका है।
गांवों से उपले खरीदकर शहर ला रहे
शहरी क्षेत्र में उपले बेचने का काम करने वाले लोग गांवों में जा रहे हैं। ग्रामीणों से उपलों के बिटोरों का सौदा करके खरीद कर रहे हैं। ट्रकों में उपले भरकर सीधे शहर लेकर आ रहे हैं। 30 रुपये से 40 रुपये प्रति पांच किलो की दर से बिकने वाले उपले 60 रुपये प्रति पांच किलो की दर से बिक रहे हैं।
बहसूमा : लाइन में लगने के बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर
कस्बे में इंडियन गैस एजेंसी पर गुरुवार को भारी भीड़ रही। पूनम पत्नी देवेंद्र ने बताया कि वह करीब 4 घंटे तक लाइन में खड़ी रही, नंबर आया तो उनकी बुकिंग न होने की जानकारी दी गई। लोकेश सिरोही, प्रवेश जैनर, प्रमोद जैनर आदि ने बताया कि एक बार गैस बुक कराने के बाद दूसरा सिलेंडर करीब 45 दिन बाद ही मिल रहा है। मोहम्मदपुर सकिस्त निवासी रामेशो पत्नी रिशिपाल और पुष्पा पत्नी बिजेंद्र ने बताया कि चूल्हे पर खाना बना रहे है।
फलावदा : फिर से चूल्हे जलाने को मजबूर महिलाएं
कस्बे में इंडियन गैस एजेंसी पर भारी भीड़ रही। इकरा परवीन ने कहा कि इतनी देर लाइन में खड़े रहने के बाद जब गैस नहीं मिली। परवीन, रामकिशन, अशोक, जाहिद, रिजवान, आस मोहम्मद ने बताया कि एक बार गैस बुक कराने के बाद दूसरा सिलेंडर करीब 45 दिन बाद ही मिल रहा है। गांव मदवाड़ी निवासी बबीता और शांति देवी गुड़मब निवासी ने बताया कि उन्हें सुबह-सुबह जंगल जाकर लकड़ी इकट्ठा करनी पड़ती है, तब खाना बन पाता है।
किठौर : गैस सिलेंडर की हो रही भारी किल्लत
राधना, ललियाना, बोंदरा, फतेहपुरा, असीलपुर, बहरोड़ा, नंगली जैसे गांवों में लोग चूल्हे पर लकड़ी और उपले जलाने को मजबूर हैं। बोन्द्रा निवासी उमर ने बताया नया सिलेंडर 45 दिन में मिलने की वजह से चूल्हा जलाना पड़ रहा है। शाहजमाल के असलम बताते हैं खाना बनाने के लिए लकड़ी और उपलों से चूल्हा जलाना पड़ रहा है। लकड़ी के दाम 800 से 1200 रुपये कुंतल और उपले 500 से 1000 रुपये कुंतल तक पहुंच गए हैं।
लेखक के बारे में
Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
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