एलपीजी किल्लत के बीच अब पैकिंग महंगी, पैकेज फूड की फैक्ट्रियों पर संकट, डेढ़ गुना बढ़ी कीमत

Srishti Kunj वरिष्ठ संवाददाता, गोरखपुर
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प्लास्टिक की पैकिंग में बिकने वाली वस्तुओं की फैक्ट्रियों में इन दिनों चौतरफा संकट दिख रहा है। इनमें से सर्वाधिक प्रभावित नमकीन और अन्य खाद्य सामाग्री वाली यूनिटें हैं। कारोबारी एडवांस तो ले ही रहे हैं, दाम भी डेढ़ गुना कर चुके हैं।

एलपीजी किल्लत के बीच अब पैकिंग महंगी, पैकेज फूड की फैक्ट्रियों पर संकट, डेढ़ गुना बढ़ी कीमत

प्लास्टिक की पैकिंग में बिकने वाली वस्तुओं की फैक्ट्रियों में इन दिनों चौतरफा संकट दिख रहा है। इनमें से सर्वाधिक प्रभावित नमकीन और अन्य खाद्य सामाग्री वाली यूनिटें हैं। नमकीन की फैक्ट्रियां कामर्शियल सिलेंडर की किल्लत के साथ रिफाइंड की कीमतों में बढ़ोतरी से जूझ रही थीं, अब इन्हें पैकिंग मैटेरियल को लेकर दिक्कत हो रही है। कारोबारी बता रहे हैं कि प्लास्टिक की पन्नी मुहैया कराने वाली कानपुर, नोएडा, दिल्ली से लेकर रूड़की के कारोबारी एडवांस तो ले ही रहे हैं, दाम भी डेढ़ गुना कर चुके हैं।

मानीराम में नमकीन की फैक्ट्री संचालित करने वाले निखिल जायसवाल का कहना है कि नमकीन की पैकिंग के लिए मटेरियल रुड़की से मंगाते हैं। जो मटेरियल 20 हजार रुपये मिलता था, वह 30 हजार रुपये में मिलता था। युद्ध ऐसे ही चला तो पैकिंग मटेरियल मिलना मुश्किल हो जाएगा। इंडस्ट्रियल एरिया में नमकीन की फैक्ट्री संचालित करने वाले देवानंद मीरपुरी का कहना है कि खाली बोरा 120 रुपये किलो मिलता था, वह 180 रुपये पहुंच गया है।

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वहीं, पैकिंग वाली पन्नी 210 से 280 रुपये पहुंच गई है। इस संकट के साथ ही सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है। मीरपुरी कहते हैं कि रिफाइंड तेल सिर्फ 20 दिन के अंदर 200 रुपये टिन तक बढ़ चुका है। गीडा में उद्यमी अजय श्रीवास्तव साबुन के लिए प्लास्टिक की कटोरी बनाते हैं। बताते हैं कि प्लास्टिक दाना नहीं मिलने से उत्पादन ठप हो गया है।

नमकीन और पापड़ 10 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा

प्रमुख ब्रांड के नमकीन और पापड़ की कीमत प्रति किलो 10 से 15 रुपये तक बढ़ गई है। चैंबर ऑफ ट्रेडर्स के अध्यक्ष अनूप किशोर अग्रवाल का कहना है कि प्लास्टिक, सिलेंडर और रिफाइंड की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते नमकीन से लेकर पापड़ की कीमत बढ़ गई है। गोलघर में शकुन टी राजेश मिश्रा ने बताया कि चाय की बिक्री के लिए अच्छी क्वालिटी का पॉलीथिन खरीदते हैं। 120 रुपये किलो मिलने वाला पॉलीथिन 170 से 180 रुपये तक पहुंच गया है। लगातार और महंगा होने की चेतावनी मिल रही है।

कोल्ड ड्रिंक से लेकर पानी की बोतल महंगी

प्लास्टिक की महंगाई का असर साफ्ट ड्रिंक, पानी के बोतल पर भी दिखने लगा है। बड़ी कंपनियों ने कोल्ड ड्रिंक से लेकर पानी के बोतल पर प्रति गत्ता 10 से 15 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि फिलहाल इसका असर ग्राहकों पर नहीं दिख रहा है। कंपनियों की तरफ से डीलरों को युद्ध लंबा खिचने की स्थिति में हर पखवाड़े बढ़ोतरी का अलर्ट आ रहा है।

गीडा में पानी के बोतल की फैक्ट्री लगाने वाले अमित पांडेय का कहना है कि पानी की बोतल का कच्चा माल जो महीने भर पहले 115 से 120 रुपये किलो आता था, वह 175 से 180 रुपये पहुंच गया है। मांग के मुताबिक इसकी उपलब्धता भी नहीं है। पहले कंपनियां महीने भर के क्रेडिट पर माल दे देती थीं। लेकिन अब बैंक खाते में रुपया ट्रांसफर होने के बाद ही कच्चा माल मिल रहा है। उद्यमी अमित बताते हैं कि पानी के बोतल की लागत एक से सवा रुपये तक बढ़ गई है।

बिछिया में किराना दुकानदार वीरेन्द्र मौर्या का कहना है कि कोल्ड ड्रिंक प्रति गत्ता 10 रुपये महंगा हो गया है। मिनरल वाटर का गत्ता भी 10 से 12 रुपये महंगा हो गया है। दरअसल, कोल्ड ड्रिंक से लेकर पानी के लिए प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल होता है। उद्यमी राहुल सिंह बताते हैं कि प्लास्टिक की बोतल की पैकिंग के लिए भी अच्छी क्वालिटी का पॉलीथिन प्रयोग होता है। जो 80 रुपये किलो तक महंगी हो गई है।

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सृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।

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