चीनी का रेट तत्काल कम करें नहीं तो..., रिटेल दुकानदारों पर इस जिले की डीएम ने कसी नकेल
यूपी के बलरामपुर में रिटेल दुकानदारों को चीनी के दाम तत्काल घटाने के डीएम ने निर्देश दिए हैं। डीएम का कहना है कि थोक कीमत में 450 रुपये प्रति कुंतल तक की आई है। ऐसे में रिटेल में भी दाम कम करें। दाम कम न करने और जमाखोरी पर ऐक्शन की चेतावनी भी दी है।

चीने के दामों में पिछले एक हफ्ते में अचानक आई तेजी के कारण हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है। लोगों ने दाम और बढ़ने की आशंका में चीनी का स्टाक करना भी शुरू कर दिया है। कुछ लोगों ने इसे एथेनाल से जोड़ा है। सीएम योगी ने भी स्पष्ट किया है कि चीनी की कोई कमी नहीं है। इसके बाद भी थोक में कमी आई लेकिन रिलेट दाम में कोई खास कमी नहीं आई है। इस बीच बलरामपुर में जिलाधिकारी डॉ. विपिन जैन ने अधिकारियों को थोक कीमतों में कमी के अनुसार फुटकर बाजार में भी चीनी के दाम घटाने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। दुकानदारों से रेट कम करने को कहा गया है।
तय हुआ है कि प्रशासन दुकानदारों के भाव पर नजर रखेगा। कलेक्ट्रेट में सोमवार को चीनी की उपलब्धता और बाजार मूल्य को लेकर हुई समीक्षा बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, उपायुक्त व्यापार कर, मंडी समिति सचिव और जिले की तीनों चीनी मिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। मिल प्रतिनिधियों ने बताया कि मिलों के भंडारगृहों में पर्याप्त स्टॉक है।
10 दिन में 400-450 रुपये सस्ती हुई चीनी
करीब 10 दिन पहले चीनी का थोक मूल्य 5700 से 5750 रुपये प्रति कुंतल था। अब इसमें गिरावट के बाद भाव 5300 से 5400 रुपये प्रति कुंतल रह गया है। डीएम ने कहा कि थोक भाव में आई कमी का असर फुटकर बाजार में भी दिखना चाहिए।
डीलरों के लिए स्टॉक सीमा तय
एक अगस्त से 30 नवंबर तक डीलरों के लिए स्टॉक सीमा लागू।
चीनी मिलने की तारीख से 30 दिन से अधिक भंडारण नहीं होगा।
किसी भी समय 4000 कुंतल से अधिक चीनी नहीं रख सकेंगे।
डीलरों को पोर्टल पर पंजीकरण कर स्टॉक घोषित करना होगा।
हर शुक्रवार स्टॉक का विवरण अपडेट करना अनिवार्य है।
गोदामों की होगी आकस्मिक जांच
डीएम ने जिले के सभी थोक व्यापारियों और कारोबारियों का पोर्टल पर पंजीकरण और स्टॉक की नियमित घोषणा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिले में चीनी के तीन अधिकृत स्टॉकिस्ट हैं। थोक व्यापारियों के प्रतिष्ठानों और गोदामों की आकस्मिक जांच भी कराई जाएगी। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक, जमाखोरी या कालाबाजारी मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
चीनी की कमी नहीं, अफवाहों से बचें
प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में चीनी की कोई कमी नहीं है। बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने या अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जाएगी। आम लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और जरूरत के अनुसार ही चीनी खरीदने की अपील की गई है।


