महबूब के लिए भागी महबूबा को मिला धोखा, पहले प्रेमी ने मुंह मोड़ा, घर लौटी तो घर वालों ने ठुकराया
यूपी के बुलंदशहर में एक लड़की जिसे प्रेमी के लिए घर से भागकर गई, उसी ने धोखा दे दिया। डेढ़ साल तक लड़की नारी निकेतन में रही। यहां से जब वह वापस अपने घर लौटी तो घर वालों ने भी बेटी को ठुकरा दिया।

Bulandshahr News: बुलंदशहर जिले से प्रेम-प्रसंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिकंदराबाद की एक किशोरी को वक्त ने ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां न तो उसे अपनों का साथ मिला और न ही समाज का। करीब डेढ़ साल पहले अपने घर को छोड़ गई किशोरी को धोखा देकर उसका प्रेमी कोलकाता रेलवे स्टेशन पर लावारिस छोड़कर भाग निकला।
कोलकाता सीडब्ल्यूसी और नारी निकेतन के संरक्षण में डेढ़ साल बीतने के बाद जब कानूनी प्रक्रिया पूरी कर टीम किशोरी को लेकर बुलंदशहर पहुंची तो वहां उसके परिजनों ने उसे अपनाने से इंकार कर दिया। परिजनों ने दो टूक कह दिया कि वह अपनी मर्जी से गलत कदम उठाकर गई थी, इसलिए अब उनका उससे कोई नाता नहीं है। बाल कल्याण समिति के काफी समझाने के बावजूद जब परिजन राजी नहीं हुए और उन्होंने लिखित में देकर किशोरी को लेने से इंकार कर दिया। समिति ने अब किशोरी को पुनर्वास व सुरक्षा के लिए नारी निकेतन भेजा है।
2024 में प्रेमी संग भागी थी लड़की
सिकंदराबाद क्षेत्र निवासी किशोरी 2024 में प्रेमी के साथ घर से भाग गई थी। काफी समय से उसका प्रेम-प्रसंग मोहल्ले के एक युवक से चल रहा था, परिजन इसका विरोध भी करते थे, मगर वह मानी नहीं। किशोरी के चले जाने के बाद परिजनों ने कोतवाली में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भी किशोरी को काफी तलाशा मगर सफलता नहीं मिली और आखिरकार फाइल बंद हो गई। उधर, युवक किशोरी को लेकर कोलकाता पहुंच गया। रेलवे स्टेशन पर जब वह उतरे तो वहां चेकिंग चल रही थी। इसी बीच युवक किशोरी का हाथ छुड़ाकर वहां से फरार हो गया और फिर कभी उसे नहीं मिला। पुलिस ने भी किशोरी से पूछताछ की तो वह कुछ बता नहीं सकी। उसे डेढ़ साल कोलकाता के नारी निकेतन में बिताने पड़े।
काउंसिलिंग में बताया पूरा पता
नारी निकेतन में रहने के दौरान काउंसिलिंग के समय किशोरी ने अपना घर बुलंदशहर के सिकंदराबाद में बताया। इसके बाद कोलकाता सीडब्ल्यूसी ने बुलंदशहर सीडब्ल्यूसी से संपर्क साधा। टीम किशोरी को लेकर यहां आई तो परिजनों से वार्ता की। परिजनों ने किशोरी को ले जाने से इंकार कर दिया। शुक्रवार को किशोरी को वन स्टाप वन सेंटर पर रखा गया और इसके बाद औपचारिताएं पूरी कर उसे नारी निकेतन भेजा जा रहा है। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉ. अंशु बंसल ने बताया, परिजनों को काफी समझाया लेकिन उन्होंने कहा कि किशोरी अपनी मर्जी से गई थी। परिजनों ने लिखित में उसे अपने साथ ले जाने से इंकार कर दिया है। किशोरी के सुरक्षित भविष्य और पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए उसे नारी निकेतन भेजा जा रहा है।


