लेखपाल बिकवा रहे सरकारी ज़मीनें, जांच में बड़ा खेल बेनकाब; विभाग में मचा हड़कंप
लेखपाल सरकारी जमीनें बेचवा रहे हैं। यूपी की राजधानी लखनऊ में सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ों और राजस्वकर्मियों की कथित मिलीभगत का बड़ा मामला सामने आया है। इसके बाद अधिकारी ऐक्शन में आए गए हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नगर निगम की सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ों और राजस्वकर्मियों की कथित मिलीभगत का बड़ा मामला सामने आया है। नगर निगम के तहसीलदार की ओर से कराई गई जांच में इसका खुलासा हुआ है। लेखपाल की मिलीभगत से सरकारी जमीनों पर कब्जा हो रहा और बिक रही हैं। तहसीलदार ने दो सितम्बर को खुद पत्र लिखकर सरकारी भूमि को नुकसान पहुंचाने के मामले की जानकारी आला अधिकारियों को दी है। साथ ही सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। जांच में नगर निगम के सात लेखपालों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इन पर कब्जे कराने के आरोप हैं। इससे नगर निगम में हड़कम्प मचा है।
नोटिस खत्म, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
नगर निगम की भूमि पर अवैध कब्ज़ा करने वालों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे। कई मामलों में नोटिस की समयसीमा समाप्त होने के बावजूद कब्ज़ेदारों के खिलाफ कोई प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इससे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण लगातार बढ़ता रहा और नगर निगम की संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।
आईजीआरएस शिकायतों में खुला पैमाइश का खेल
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। जांच में तहसीलदार को पता चला कि कई मामलों में मिनजुमला नंबरों की पैमाइश के दौरान शासकीय भूमि को नुकसान पहुंचाया गया। जांच में सात लेखपालों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण भूमाफियाओं को लाभ पहुंचा है। सरकारी जमीनें उनके कब्जे में पहुंची हैं।
तहसीलदार ने दी कार्रवाई की चेतावनी
लेखपालों की मिलीभगत से हो रहे कब्जों के मामलों के सामने आने के बाद तहसीलदार अरविन्द पाण्डेय ने गंभीरता दिखाते हुए सभी नायब तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को निर्देश जारी कर दिया है। कुछ को नोटिस जारी कर दी है। नोटिस की अवधि पूरी होते ही अवैध कब्ज़ेदारों व कब्जा कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने लिखा है कि यदि भविष्य में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका शासकीय भूमि को क्षति पहुंचाने में पाई गई तो उसके खिलाफ कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


