
कचहरी में वकीलों ने रातोंरात रास्ते पर बनाया चेंबर, खुद को अंदर कैदकर सुसाइड की धमकी
मेरठ में नए साल के पहले ही दिन कचहरी परिसर में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। करीब दस वकीलों ने रास्ते पर कब्जा कर रातोंरात शेड डाला और जाली लगाकर चेंबर बना लिया। इसके बाद उसी चेंबर में खुद को बंद कर सुसाइड की धमकी दे रहे हैं। अंदर मोटी रस्सी को फांसी के फंदे की तरह लटकाया हुआ है।
मेरठ में नए साल के पहले ही दिन अदालतें खुलीं तो कचहरी परिसर में जश्न और कामकाज के बजाय भारी हंगामा देखने को मिला। तीन महिला वकील समेत करीब दस अधिवक्ताओं ने धर्मशाला बिल्डिंग के आने-जाने वाले मुख्य रास्ते पर रातों-रात शेड डाल दिया और लोहे की जाली के दरवाजे लगाकर चेंबर बना लिया। सुबह जब न्यायिक अधिकारी और नजारत की टीम मौके पर पहुंची तो अधिवक्ताओं ने अंदर से खुद को बंद कर सुसाइड की धमकी देने लगे। कहने लगे कि उन्हें हटाया गया तो जान दे देंगे। अंदर मोटी रस्सी से फांसी का फंदा भी बनाकर लटकाया हुआ है।
कचहरी में पिछले कुछ दिनों से शीतकालीन अवकाश था। गुरुवार को जब लोग पहुंचे तो शेड और लोहे की जाली के अंदर खुद को बंद किए अधिवक्ता दिखाई दिए। कुछ देर बाद ही मौके पर वकीलों की भीड़ जमा हो गई। प्रशासन और पुलिस की टीमें भी पहुंचीं। जब अवैध कब्जा हटाने की कोशिश की गई तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अधिवक्ताओं ने अंदर दो रस्सी के फंदे टांग दिए।
अधिवक्ताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की गई या शेड तोड़ा गया तो वे फांसी लगाकर जान दे देंगे। इस आत्मघाती धमकी के बाद पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। चेंबर के अंदर खुद को कैद करने वाले अधिवक्ता संजीव कुमार शुक्ला ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि कचहरी में हम लोगों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। हमारे पास कुर्सी रखने की जगह तक नहीं है। हमें कोट टांगने तक की जगह नहीं मिल रही है। हम लोगों ने यहां पर सफाई की और अपने बैठने की व्यवस्था बनाई है। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना है कि रास्ता रोकना और आत्महत्या की धमकी देना वकीलों की गरिमा के खिलाफ है। इससे समाज में वकीलों की छवि धूमिल हो रही है।
हाईकोर्ट की रडार पर 'कब्जाधारी' वकील
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाईकोर्ट पहले से ही उन अधिवक्ताओं की सूची तैयार करवा रहा है जो अवैध कब्जों या आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जिला जज और बार काउंसिल को भेजा जाएगा। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारियों द्वारा अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अधिवक्ता अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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