जिला पंचायत में वकील की गोली मारकर हत्या, साथी वकीलों ने अस्पताल में की तोड़फोड़
रामपुर में दिनदहाड़े वकील की गोली मारकर हत्या की खबर से सनसनी फैल गई। जिला पंचायत में तैनात बाबू ने अपनी सहकर्मी महिला बाबू के साथ अभद्रता की तो उसका अधिवक्ता पति शिकायत लेकर पहुंचा।

यूपी के रामपुर में दिनदहाड़े वकील की गोली मारकर हत्या की खबर से सनसनी फैल गई। जिला पंचायत में तैनात बाबू ने अपनी सहकर्मी महिला बाबू के साथ अभद्रता की तो उसका अधिवक्ता पति शिकायत लेकर पहुंचा। जिला पंचायत में बाबू से विवाद होने के बाद उसने लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर अधिवक्ता की हत्या कर दी। इतना ही नहीं उसने महिला सहकर्मी को भी पिस्टल की बट से मारकर घायल कर दिया। इसकी जानकारी होने के बाद जिला पंचायत परिसर से लेकर जिला अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ।
मौके पर पहुंचे अधिवक्ताओं ने जिला अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। कुछ देर बाद आरोपी बाबू भी घायल अवस्था में मौके पर पहुंचा तो अधिवक्ताओं का गुस्सा और भड़क गया। अधिवक्ता की हत्या के बाद हुए हंगामे की सूचना मिलने पर डीएम-एसपी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह से मामले को शांत कराया और शव पीएम को भेजा। पुलिस का दावा है कि घायल आरोपी बाबू को हिरासत में ले लिया गया है। इस घटना के बाद से जहां परिजनों में कोहराम मचा हुआ है तो वहीं अधिवक्ताओं में भी आक्रोश है।
लाइसेंसी पिस्टल से मारी गोली
घटना दोपहर करीब सवा एक बजे की है। गंज कोतवाली क्षेत्र के जेल रोड नालापार जुम्मा बाजार निवासी फारूख खां अधिवक्ता थे। उनकी पत्नी गौशिया निशा जिला पंचायत में बाबू के पद पर तैनात हैं। यहीं पर असगर अली भी बाबू के पद पर है। बताते हैं कि किसी बात को लेकर असगर अली की गौसिया निशा से कहासुनी हो गई थी। इसकी जानकारी गौशिया ने घर जाकर अधिवक्ता पति फारूख अहमद खां को दी। जिस पर बुधवार की दोपहर फारूख जिला पंचायत पहुंचा और असगर अली से पत्नी के साथ अभद्रता करने के संबंध में बात करने लगा। दोनों के बीच बात करने के दौरान विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर बाबू असगर अली ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फारूख के सीने में गोली मार दी।
वकील की पत्नी को भी किया घायल
गोली लगने से वह खून से लथपथ होकर वहीं पर गिर गया। यह देखकर पत्नी गौशिया के होश उड़ गए। उसने विरोध किया तो बाबू ने उसे भी पिस्टल की बट मारकर घायल कर दिया। इसके बाद गौशिया ने इसकी सूचना परिजनों के साथ ही अधिवक्ताओं को दी। आनन-फानन में तमाम अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए और फारूख व उसकी पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां पर डाक्टरों ने अधिवक्ता को मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी होने पर साथी अधिवक्ता भड़क गए और उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। उन्होंने जिला अस्पताल में तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी। जिससे मरीज व तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया तो वह पुलिस कर्मियों से ही भिड़ गए। जिसके बाद पुलिस ने उनको धकियाते हुए बाहर कर सभी दरवाजे बंद कर दिए। कुछ देर बाद ही आरोपी बाबू भी घायल अवस्था में जिला अस्पताल पहुंच गया।
वकीलों ने किया हंगामा
दावा किया जा रहा है कि उसके भी गोली लगी है। इसके बाद अधिवक्ताओं ने उसे गिरफ्तार करने की मांग करते हुए अस्पताल परिसर के अंदर से बाहर तक हंगामा शुरू हो गया। सूचना पर डीएम अजय कुमार द्विवेदी, एसपी विद्यासागर मिश्र, एएसपी अनुराग सिंह तीनों थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिवक्ताओं ने अधिकारियों की मौजूदगी पर भी काफी हंगामा किया। बाद में एसपी ने किसी तरह से उनको समझाकर शव पोस्टमार्टम को भेजा। वहीं मृतक अधिवक्ता की घायल पत्नी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस मामले में एसपी विद्या सागर मिश्र ने बताया कि आरोपी घायल बाबू को हिरासत में ले लिया गया है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। लाइसेंसी पिस्टल को भी बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना के बाद से जहां परिजनों में कोहराम मचा हुआ है तो वहीं अधिवक्ता भी आक्रोशित हैं।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पिछले आठ सालों से काम कर रहे हैं। वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। पत्रकारिता में 13 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश की डिजिटल मीडिया और प्रिंट जर्नलिज्म में अलग पहचान है। इससे पहले लंबे समय तक प्रिंट में डेस्क पर भी काम किया है। कुछ सालों तक ब्यूरो में भी रहे हैं। यूपी और राजस्थान के सीकर जिले में भी पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ सोशल, क्राइम की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। वायरल वीडियो की फैक्ट चेकिंग में दिनेश को महारत हासिल है।
और पढ़ें


