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Hindi News उत्तर प्रदेश ललितपुरसंस्कारों के पतन को स्वयं जिम्मेवार: सृष्टि भूषण

संस्कारों के पतन को स्वयं जिम्मेवार: सृष्टि भूषण

फोटो- 3, 4कैप्सन- आर्यिका माता सृष्टिभूषण, कार्यक्रम में प्रतिभाग करते श्रद्धालुगणसंस्कारों के पतन को स्वयं जिम्मेवार: सृष्टि भूषणआर्यिका माता ने...

संस्कारों के पतन को स्वयं जिम्मेवार: सृष्टि भूषण
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हिन्दुस्तान टीम,ललितपुरThu, 13 Jun 2024 07:05 PM
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फोटो- 3, 4

कैप्सन- आर्यिका माता सृष्टिभूषण, कार्यक्रम में प्रतिभाग करते श्रद्धालुगण

संस्कारों के पतन को स्वयं जिम्मेवार: सृष्टि भूषण

आर्यिका माता ने धर्मसभा में बताए अच्छे संस्कारों के सुख

नगर के पार्श्वनाथ अटा मन्दिर में आयोजित हुआ कार्यक्रम

ललितपुर। नगर के पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर में जिनधर्म प्रभाविका आर्यिका सृष्टिभूषण माता जी ने धर्मसभा में अच्छे संस्कारों के सुख बताते हुए कहा बुरे संस्कार पतन के कारण हैं। प्राचीन गुरूकुल पद्धति संस्कारों की जननी थे। इनमें बच्चों को शिक्षित करके चरित्रवान और धार्मिक शिक्षा के साथ उन्हें धर्मगुरुओं का चरित्र बताया जाता रहा है।

उन्होंने कहा जब माता पिता संस्कार विहीन होंगे तब बच्चे क्या सीखेंगे। समाज में भ्रूण हत्या और तलाक जैसी कुरीति पर उन्होंने कहा नारी एक नहीं दो-दो कुलों को संस्कारित करती है। संस्कारों के अभाव में न तो यह बताया जाता है कि कैसे रिश्ते व्यवहार निभाए और परिवार चलाए जाते हैं। संस्कार जो मां-बाप से मिलना चाहिए, उन्हें अब टीवी और फिल्मों के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है, जिससे पाश्चात संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है और भारतीय संस्कृति कोसों दूर जा रही है। धर्मसभा में आर्यिका माता ने भ्रूण हत्या को समाज के लिए अभिशाप बताया और कहा कि आज नारी ही नारी की दुश्मन बन रही है जबकि हमें समझना होगा कि वह संस्कारों की कुंजी है। वह अपने कुल को संस्कारित करती है। धर्मसभा का शुभारम्भ आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज, आचार्य विद्याभूषण सन्मतिसागर महाराज के सम्मुख श्रेष्ठीजनों ने दीपप्रज्जवलित कर किया। मंगलाचरण कविता जैन गौना ने किया। धर्मसभा में आर्यिका विश्वयश मति माता जी ने कहा प्रात:काल प्रभु के दर्शन करने की वजह युवा पीढ़ी मोबाइल को देखकर उठती और वही देखकर सोती है। उसे फुरसत ही नहीं रहती कि वह अपने मां-बाप के पास बैठकर अच्छे बुरे के बारे में बात करे। जन्म के साथ ही बच्चों को मां से दूर रखा जाता है और तरह तरह के टानिक पिलाकर उन्हें स्वस्थ रखा जाता है जबकि बच्चा जितना मां के पास रहेगा वगैर टानिक के स्वस्थ रहेगा। आज श्रावकों ने पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर चैबीसी जिनालायों पर धर्मध्वजा फहराई।

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