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5 मार्च, 2021|1:35|IST

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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की महिलाओं को ही नहीं कोई जानकारी

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की महिलाओं को ही नहीं कोई जानकारी

ललितपुर। महिलापरक योजनाओं की हकीकत व विकास में उनकी भागीदारी को परखने के लिए शासन से भेजे गए दल ने तालबेहट विकास खंड स्थित ककड़ारी ग्राम पंचायत में चौपाल लगाई और आला अफसरों के बीच ग्रामीण व महिलाओं से सीधा संवाद किया। यहां मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की जानकारी महिलाएं नहीं दे सकीं जबकि पानी पंचायत के तहत जल सहेलियों के कार्य बेहतर पाए गए।महिलापरक योजनाओं के क्रियान्वयन व उनसे हो रहे बदलाव को जांचने के लिए शासन ने सचिव एवं प्रमुख स्टाफ आफीसर मुख्य सचिव कामिनी चौहान रतन, आईएएस एकता सिंह, पीपीएस अमिता सिंह को जनपद भेजा। अधिकारियों के साथ बैठक के पश्चात इस टीम ने विकास खंड तालबेहट की ग्राम पंचायत ककड़ारी में चौपाल लगाकर कराये गये विकास कायोंर् को बारीकी से परखा। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के बारे में महिलाएं जानकारी नहीं दे सकीं। इस पर जिला प्रोबेशन अधिकारी ने उपस्थित सभी महिलाओं व अन्य लोगों के समक्ष योजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। चौपाल में आनलाइन फार्म भरने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी ने व्यवस्था करवा रखी थी। परमार्थ स्वयंसेवी संस्था यहां जल संरक्षण के संबंध कई कार्य कर रही है। संस्ता ने पानी पंचायत का गठन किया, जिसकी जल सहेलियां अच्छा कार्य कर रही हैं। जल सहेली रानी, पार्वती, नन्दिनी, पुष्पा, सरोज आदि ने बताया कि पहले पेयजल समस्या थी पर संस्था के सहयोग से जल संरक्षण के तमाम कार्य कराए गए। तालाबों का गहरीकरण व जीर्णोद्धार श्रमदान से हुआ। अब इनमें जल संरक्षित रहता है। इससे भूगर्भ जलस्तर बढ़ा है और गांव के लोग सब्जी की खेती भी कर रहे हैं। संस्था की जल सहेलियां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से भी जुड़ गई हैं। समूह से जुड़ने के बाद कुछ जल सहेलियां गांव के हैंडपंपों को स्वयं ठीक कर लेती हैं। डीजल पंप सेट की छोटी खराबियों को भी आसनी से दुरुस्त कर लेती हैं। गांव पक्के संपर्क मार्ग से जुड़ा है। यहां विद्युतीकरण भी है। ग्राम पंचायत में चार प्राथमिक विद्यालय, दो पूर्व माध्यमिक विद्यालय, दो आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 204 व एलओबी में 156 शौचालयों का निर्माण हुआ है। चौपाल में कई महिलाओं व पुरुषों ने शौचालय की आवश्यकता बताई। इस पर डीपीआरओ को धनराशि जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पीएम आवास ग्रामीण, पेंशन, आधार कार्ड, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पेयजल, एनआरएलएम के अंतर्गत समूह बकरी पालन, मुर्गी पालन, किराना दुकान, भैंस पालन, सिलाई, सैलून दुकान, कम्प्यूटर फोटो कापी व कपड़ा दुकान से संबंधित कार्य किये जा रहे हैं। जल संरक्षण के कार्य को जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने सराहा। इस दौरान सीडीओ वीरेन्द्र प्रसाद पांडेय, सीएमओ डा. प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।

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  • Web Title:The women of Chief Minister Kanya Sumangala Yojana have no information