सड़क पर शव रख किया प्रदर्शन, मृतकों के परिजन को 50-50 लाख मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी
Lalitpur News - राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ के पुत्र नरेश पंथ की गाड़ी से घायल युवक अनुज की मौत के बाद ग्रामीणों ने देवगढ़ मार्ग पर शव रखकर जाम लगाया। उन्होंने मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी और मंत्री पुत्र की गिरफ्तारी की मांग की। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की मदद दी, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।

राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ के पुत्र नरेश पंथ के वाहन से घायल दूसरे युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। महिलाओं, पुरुषों ने देवगढ़ मार्ग पर शव रखकर जाम लगाया और जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मृतक के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और मंत्री पुत्र को जेल भेजे जाने की मांग रखी। डीएम ने मृतक के परिजनों को पांच-पांच लाख की आर्थिक मदद मुहैया कराई। जिसके बाद ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार किया। झांसी मेडिकल कालेज में बीती देर रात्रि अनुज की मौत के बाद सोमवार सुबह परिजनों को शव सौंपा गया।
निजी एंबुलेंस से शव लेकर गांव बरखेरा आए मृतक के परिजन अपनों के बीच दहाड़ मारकर विलाप करने लगे। गमनीन माहौल में ग्रामीण आक्रोशित हो गए। खासी संख्या में महिलाएं और पुरुष ललितपुर देवगढ़ मार्ग पर पहुंचे और बीच सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने बिजली का खंभा और बांस के टुकड़े सड़क पर बिछा दिए, जिससे आवागमन को रोका जा सके। इसकी जानकारी मिलते ही सपा जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष ज्योति सिंह लोधी, हृदेश मुखिया, गीता मिश्र, शत्रुह्न यादव के अलावा कांग्रेस के यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव मोंटी शुक्ला, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंकित यादव, आजाद समाज पार्टी के जिला प्रभारी हरपाल सिंह, रमाकांत चौधरी, कमलेश भदौरिया, ब्रजभान सिंह, गजेंद्र चौधरी ग्रामीणों के साथ धरना प्रदर्शन में शामिल हो गए। सड़क पर जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए। उप जिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी पाली के साथ कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर भेजी गई। इन अफसरों ने आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। उन्होंने दोनों मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घायल को 30 लाख रुपये मुआवजा दिलाए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने आरोपित मंत्री पुत्र को जेल भेजे जाने के साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को धरनास्थल पर बुलाने के लिए कहा। कुछ देर में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अंकुर श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं और ग्रामीण युवक का शव लेकर पैदल जिला मुख्यालय की तरफ चल दिए। इसके बाद जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक मौके ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया बुझाया। जिलाधिकारी ने दोनों मृतकों के परिजनों के बैंक खातों में पांच-पांच लाख रुपये भेजने और आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इससे संतुष्ट होकर ग्रामीणों ने मृतक के शव का अंतिम संस्कार किया।
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