Imam hanging in the mosque room death - शहर पेश इमाम ने मस्जिद के कमरे में लगाई फांसी, मौत DA Image

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शहर पेश इमाम ने मस्जिद के कमरे में लगाई फांसी, मौत

ललितपुर। कोतवाली सदर अंतर्गत अजीतपुरा मुहल्ला स्थित मस्जिद के हुजरे (कमरे) में शहर पेश इमाम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी पाते ही भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के मुताबिक कुछ लोगों से विवाद को लेकर वह परेशान चल रहे थे। मृतक के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने उक्त तीन आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।बेहद सरल स्वभाव वाले शहर पेश इमाम हाजी अब्दुल अलीम सदर कोतवाली अंतर्गत अजीतापुरा मुहल्ले की मस्जिद के हुजरे में परिवार से अलग रह रहे थे। मस्जिद में नमाज अता कराने के बाद वह बीती देर रात्रि अपने कमरे में चले गए। मंगलवार सुबह पांच बजे के दरम्यान नमाज अता करने के लिए लोग एकत्रित हुए लेकिन शहर पेश इमाम के न आने पर कुछ लोग उनके हुजरे के पास गए। अंदर झांक कर देखा तो यहां प्लास्टिक की रस्सी से उनका शव पंखे पर लटक रहा था। शहर पेश इमाम के शव को फांसी पर देख लोगों के पैरों तले से जमीन सरक गई। आग की तरह यह खबर लोगों के बीच पहुंची और देखते ही देखते सैकड़ों लोग मस्जिद के बाहर एकत्रित हो गए। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी सदर के साथ कोतवाली सदर प्रभारी भारी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पहुंचे। फांसी के फंदे से उनका शव उतारा गया। इस बीच मृतक के पुत्र अब्दुल मुईन ने पुलिस अफसरों को बताया कि नासिर मंसूरी पुत्र स्वर्गीय मुस्तफा, इकबाल बेग पुत्र अय्यूब बेग निवासी घुसयाना व जाकिर राज चौहान पुत्र सगीर निवासी पनारी उनके पिता को लंबे समय से प्रताड़ित करते चले आ रहे थे। जिसकी वजह से उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। इस बात का उन्होंने की लोगों से जिक्र भी किया था। तहरीर के आधार पर कोतवाली सदर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी। इस बीच घटना से आक्रोशित लोगों ने तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही शव ले जाने देने की शर्त रखी और काफी देर तक जमकर नारबाजी की। गिरफ्तारी के बगैर शव सुपुद-ए-खाक नहीं किया जाएगा। इसकी जानकारी मिलते ही अपर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक मौके पर गए और मुस्लिम समाज के बड़े बुजुर्गों से बातचीत करके उनको समझाया। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इधर, पुलिस ने आरोपितों को दबोचने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की लेकिन सफलता हाथ नहीं लग सकी। वहीं रिश्तेदारों के इंतजार में परिजनों ने शव को दफन नहीं किया।शिकायत के बाद नहीं बन पा रहा था भवनललितपुर। उर्स आयोजन व वक्फ संपत्तियों की देखरेख को लेकर मुस्लिम समाज के कुछ लोगों में लंबे समय से घमासान चला आ रहा है। शहर पेश इमाम हाजी अब्दुल अलीम को एक पक्ष ने अपना विरोधी मान लिया और कई मामलों में उनके खिलाफ शिकायतें शुरू कर दीं। एक सामान्य मुस्लिम को पिछड़े वर्ग का प्रमाण पत्र बनाने की संस्तुति को लेकर शहर पेश इमाम के खिलाफ विपक्षियों ने मोर्चा खोला था। अजीतापुरा का मकान बेचकर बाबा सदनशाह मुहल्ले में शहर पेश इमाम ने जब अपना भवन बनाना शुरू किया तो विपक्षियों ने मानचित्र के संबंध में शिकायत कर दी, जिसकी वजह से उनके भवन का निर्माण कार्य बंद हो गया। तभी से उनका परिवार तिरपाल के नीचे रहने को विवश है और वह स्वयं मस्जिद के हुजरे में किसी तरह गुजर बसर कर रहे थे। समय-समय पर विपक्षी उनको नोटिस आदि भी जारी करते रहे। जिसकी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान हो गए थे।

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  • Web Title:Imam hanging in the mosque room death