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सुम्मेरा तालाब भरने वाली माइनर पर अवैध कब्जा

ललितपुर। ऐतिहासिक प्राचीन सुम्मेरा तालाब भरने के लिए गोविंद सागर बांध की बांयी नहर...

सुम्मेरा तालाब भरने वाली माइनर पर अवैध कब्जा
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हिन्दुस्तान टीम,ललितपुरSat, 15 Jun 2024 06:35 PM
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ललितपुर। ऐतिहासिक प्राचीन सुम्मेरा तालाब भरने के लिए गोविंद सागर बांध की बांयी नहर से निकले माइनर और उसके आस पास स्थित बेशकीमती सरकारी भूमि पर माफिया कब्जा कर रहा है। सिंचाई विभाग की पुरानी कालोनी के पीछे डूपलेक्स बनाकर बेचे जा रहे हैं। सिंचाई विभाग अधिकारी इस भूमि को नगर पालिका की बता रहे और नपा अफसरों को इसकी जानकारी तक नहीं है।

गोविंद सागर बांध की दोनों नहरें शहर के बीच से होकर निकली हैं। इसलिए नहरों और उसके आस पास की भूमि के दाम आसमान छूने लगे हैं। इसी कारण माफिया इस तरह की भूमि पर कब्जा करने में जुटा हुआ है। फिलहाल कुछ दिनों से सुम्मेरा तालाब को भरने वाले गोविंद सागर बांध की बांयी नहर से निकले माइनर और उसकी भूमि पर माफिया कब्जा करने में जुटा है। इसके लिए माफिया ने जिम्मेदार विभाग के कर्मियों को संपर्क साधा और फीलगुड के बाद अपना काम प्रारंभ किया। शिकायतें होने पर इन कर्मियों ने विभागीय अफसरों को गुमराह करना शुरू कर दिया। परिणामस्वरूप अफसर भी शांत हो गए और सर्वेश्वर धाम मंदिर की पुलिया से सुम्मेरा तालाब तक गए माइनर पर सिंचाई विभाग की पुरानी कालोनी के पीछे ताबड़तोड़ ढंग से अवैध कब्जा शुरू हो गया। यहां करोड़ों में बिकने वाले कई डूपलेक्सों को तैयार किया जा रहा है। वहीं कइयों की नींव रखी जा रही है। बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे के बावजूद विभागीय अफसरों ने काम बंद करवाने तक की जहमत नहीं उठाई। इस संबंध में अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड ने बताया कि उक्त भूमि उनके विभाग की नहीं है। नगर पालिका परिषद ने उक्त माइनर का निर्माण कराया था। वो ही उसके जिम्मेदार हैं। उधर, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि उनको इस मसले की जानकारी नहीं है। सिंचाई विभाग अफसरों से संपर्क करके अवैध कब्जे को तत्काल रुकवाएंगे।

दस वर्षों से जमे भ्रष्टाचारियों का खेल

ललितपुर। सिंचाई विभाग में कई कर्मचारी पिछले दस वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हैं। उनकी जिम्मेदारी विभागीय भूमि की देखरेख करना है लेकिन वह सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा करवाने में जुटे हैं। कुछ कर्मचारी वर्षों पहले रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार तक हो चुके हैं।

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