ललितपुर सागर एनएच पर चार तेंदुओं की मौत
Lalitpur News - ललितपुर सागर एनएच पर चार तेंदुओं की मौतमालथौन व गौंना में सड़क हादसों का हो चुके शिकार दो-दो तेंदुए जंगली क्षेत्रों के आस पास अहतियात से वाहन नहीं चलात

ललितपुर से मध्य प्रदेश के सागर की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं में जंगली जानवर जान से हाथ धो रहे हैं। गौंना और नाराहट के बीच 49 दिनों के भीतर दो तेंदुओं की वाहनों से टकराकर मौत हो गयी। वहीं इसी मार्ग पर मध्य प्रदेश के मालथौन में भी दो तेंदुए सड़क हादसे का शिकार हो चुके हैं। गौंना वन रेंज के घने जंगल मध्य प्रदेश के वन क्षेत्रों से भी जुड़े हैं। जंगली जानवरों का एक दूसरी तरफ आना जाना लगा रहता है। शिकारी जानवर अक्सर रात्रि के समय शिकार पर निकलते हैं। नाराहट से अमझरा के पास स्थित गोशाला से सटे जंगल में जाने के लिए जंगली जानवरों को ललितपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पार करना पड़ता है और इस सड़क को पार करते समय वह वाहनों की चपेट में आकर अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं।
21 सितंबर 2025 को इसी मार्ग पर एक नर तेंदुआ का शव पड़ा मिला था। उसकी मौत भी वाहन की टक्कर से हुई थी। यही नहीं, इससे पहले सागर जनपद के माथलौन में दो तेंदुए सड़क हादसों का शिकार हो चुके हैं। इस तरह देखा जाए तो ललितपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग तेंदुओं के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है। वन विभाग अधिकारियों के मुताबिक चालक भी जंगली जानवरों को देखकर अपने वाहनों की रफ्तार कम नहीं करते हैं। उनको टक्कर मारते हुए निकल जाते हैं। सड़क पार करते जानवर को देखकर चालक को अपना वाहन रोक देना चाहिए।
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