जीरामजी के एनएमएमएस में सेंध क्लोन ऐप से हाजिरी की आशंका
ललितपुर में महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) में फर्जीवाड़े की घटनाएं बढ़ रही हैं। स्थानीय अधिकारियों ने कुशलता से नियमों का उल्लंघन कर जाब कार्डधारकों की फर्जी हाजिरी लगाई। सरकार ने एनएमएमएस के माध्यम से इसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन एक क्लोन एप के उपयोग से फिर से फर्जीवाड़ा शुरू हो गया है।

ललितपुर। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार योजना (जीरामजी) में फर्जीवाड़ा पर लगाम लगाने वाले नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) में ही शातिरों ने सेंध लगा दी। उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में इस तरह के मामले पकड़ में आने के बाद ललितपुर जिले के अफसरों को भी अलर्ट कर दिया गया है। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने चारागाह बना रखा है। ग्राम प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक आदि जिम्मेदार अपने चहेते जाबकार्डधारकों की फर्जीढंग से हाजिरी मनरेगा में लगाते रहे हैं। इससे उनको दो फायदे होते चले आ रहे हैं। पहला मशीन से कराए कार्यों को ऐसे करीबी श्रमिकों के जाबकार्ड लगाकर उसको नियमों पर फिट बिठाते रहे और दूसरा श्रमिकों को मजदूरी का कुछ पैसा देकर शेष रुपये अपनी जेब में रखते रहे।
इस तरह के खेल को रोकने के लिए भारत सरकार ने कार्यस्थल का अक्षांस व देशांतर कार्ययोजना में अपलोड करने के बाद काम होते वक्त निर्धारित स्थान के आस पास रहकर नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम से दिन में दो बार आनलाइन हाजिरी दर्ज करने के निर्देश दिए। इस दौरान पलक झपकाते श्रमिकों के दस सेकेंड के वीडियो भी अपलोड करने को कहा गया है। भारत सरकार के इस कदम से ग्राम प्रधानों, सचिवों और रोजगार सेवकों सहित मनरेगा से जुड़े सभी जिम्मेदारों के भ्रष्टाचार पर काफी हद तक लगाम लग गयी। नीचे से लेकर ऊपर तक के फीलगुड पर विराम लग गया। इसके बाद बाजार में एनएमएमएस का एक क्लोन एप आ गया। जिसके माध्यम से घर बैठे ही श्रमिकों की हाजिरी लगाई जाने लगी। जिसकी वजह से जिम्मेदारों ने फिर से फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया। इस बीच शासन ने क्लोन एप से दर्ज हाजिरी की वास्तविकता जांचनी शुरू की तो बस्ती और बलिया सहित कई जनपदों में अनियमितताएं उजागर हुईं। शासन ने संबंधित जिलों के अफसरों को पत्र लिखकर चेतावनी और कार्रवाई के निर्देश दिए। क्लोन एप से मनरेगा श्रमिकों की हाजिरी संबंधी जानकारी मिलते ही विकास विभाग अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए हैं। उपायुक्त श्रम एवं राजगोर रमेश कुमार यादव ने इस संबंध में खंड विकास अधिकारियों को सतर्क कर दिया है। उन्होंने कहा कि एनएमएमएस से दर्ज हाजरी का सत्यापन किया जाएगा। जिस गांव में गड़बड़ी मिलेगी, वहां की हाजिरी लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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