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आश्रय स्थलों में प्रवेश पर प्रतिबंध  समाप्त करें, सोशल आडिट जरूरी

आश्रय स्थलों में प्रवेश पर प्रतिबंध समाप्त करें, सोशल आडिट जरूरी

संक्षेप:

Lalitpur News - ललितपुर के मड़ावरा ब्लाक में डगडगी गोवंश आश्रय स्थल पर गोसेवकों ने प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आश्रय स्थलों की हर सप्ताह सोशल ऑडिट होनी चाहिए। गोसेवक आरोप लगा रहे हैं कि जिम्मेदार लोग गोवंशों की संख्या बढ़ाने के लिए मिलभगत कर रहे हैं और सरकार की बदनामी कर रहे हैं।

Nov 23, 2025 06:06 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, ललितपुर
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ललितपुर,संवाददाता। मड़ावरा ब्लाक स्थित डगडगी गोवंश आश्रय स्थल के प्रकरण ने गोसेवकों में उबाल ला दिया है। गोसेवा गोविंद सेवा संस्थान की गऊ पुत्र सेना ने गोवंश आश्रय स्थलों में तालाबंदी पर ही सवालिया निशान लगाया है। उनका कहना है कि जब सबकुछ ठीकठाक है तो फिर गोवंश आश्रय स्थलों का हर सप्ताह सोशल आडिट करवाकर रिपोर्ट जनता के बीच रखनी चाहिए। गोसेवा गोविंद सेवा संस्थान के सदस्यगण ने कहा कि राज्य सरकार ने गोवंश संरक्षण के लिए अरबों रुपये खर्च करके एक बड़ा सिस्टम तैयार किया है। जिसमें गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण पर खर्च धनराशि संग चिकित्सक और अन्य कर्मियों के वेतन तथा मानदेय पर व्यय और संरक्षित गोवंशों की खुराक पर खर्च धनराशि भी शामिल है।

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विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों को यह सिस्टम ईमानदारी से चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। लेकिन, जिम्मेदारों ने इसमें बड़ा जुगाड़ खोज लिया है। भूसा, साइजेल और चोकर सप्लाई करने वाले व्यक्ति से मिलीभगत करके आश्रय स्थलों में गोवंशों की संख्या अधिक दिखाई जाती है, जिससे खेल किया जा सके। इसमें सभी शामिल रहते हैं। खुद को गोसेवक बताते व्यक्ति भी गायों की खुराक से अपना पेट भर रहे हैं। बदनामी सरकार की हो रही है। डगडगी गोवंश आश्रय स्थल में गोवंशों की दुर्दशा उजागर करने वाले जिला पंचायत सदस्य मनोज कुशवाहा और यूड्यूबर देवेंद्र कौशिक के खिलाफ गंभीर धाराओं में दो मुकदमे दर्ज कराए गए जबकि देवेंद्र कौशिक और उसके साथियों को डगडगी गोशाला गेट के बाहर महिलाओं तथा पुरुषों ने बुरी तरह पीटा था। उन्होंने मारपीट के इस मामले की जांच करवाते हुए जनपद की समस्त गोशालाओं के ताले जनता के लिए खोलने की बात कही। गोसेवकों ने कहा कि आश्रय स्थल में लोगों को समाजसेवा के लिए प्रेरित किया जाए। लोग यहां आकर गोभोज कराए। गोशाला की देखरेख को पारदर्शी बनाया जाए और उसमें जनता के बीच के लोगों को भी जोड़ा जाए। इस दौरान रजत नामदेव, विनय तिवारी, अनुज विजय शर्मा, गोपुत्र प्रशांत शुक्ल, पुष्प सिंह चौहान, मनीष दुबे आदि मौजूद रहे।