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बहनोई ने ही ठेकेदार अनूप की कराई थी हत्या

बहनोई ने ही ठेकेदार अनूप की कराई थी हत्या

ललितपुर। कोतवाली सदर अंतर्गत बड़ापुरा निवासी ठेकेदार अनूप सहाय की हत्या उसके बहनोई ने भाड़े के हत्यारों से कराई थी। चुनौती बने इस बहुचर्चित हत्याकांड में शामिल सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार करके पुलिस अफसरों ने घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस महानिदेशक ने खुलासा करने वाली टीम को पुरुस्कृत करने की घोषण कर दी।2 फरवरी 2018 को बड़ापुरा निवासी ठेकेदार अनूप सहाय की कुछ लोगों ने उसके दरवाजे पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड ने नगरवासियों को हिलाकर रख दिया था। पुलिस अफसरों ने हत्या के खुलासे को चार टीमें गठित कीं। पिछले कई माह लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद पुलिस को सफलता नहीं मिल सकी। बीती देर शाम मुखबिर से सूचना मिली कि लाल रंग की बाइक यूपी 93 एके 8763 से इस हत्याकांड से संबंधित कुछ लोग जनपद आ रहे हैं। कोतवाली सदर पुलिस सक्रिय हो गयी और राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित टीकमगढ़ रेलवे पुल के पास देर रात ग्यारह बजे बाइक रोकने का प्रयास किया गया। इस बीच बाइक सवार भागने लगे और फिसलकर गिर गए। पुलिस कर्मियों ने बाइक सवार मेघराज सिंह निवासी स्टेट बैंक कालोनी लहरगिर्द सीपरी बाजार झांसी, पीयूष खंगार निवासी बाहर दतिया गेट सरस्वती शिशु मंदिर झांसी, पठौरिया नई बस्ती झांसी में रहने वाले दिलीप कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया। हत्या, लूट, डकैती की कई वारदातों में आरोपी मेघराज सिंह के कब्जे से अनूप की हत्या में इस्तेमाल 32 बोर पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ के दौरान मेघराज ने बताया कि अनूप सहाय की छोटी बहन वंदना का विवाह जनपद न्यायालय झांसी में बाबू के पद पर कार्यरत अरविंद श्रीवास से हुआ था। अरविंद व वंदना के बीच अक्सर विवाद होता था। अरविंद ने जब वंदना की शिकायत उसके भाई अनूप से की तो बहन को समझाने के बजाए उसने अपने बहनोई के साथ अभद्रता कर दी। गाली गलौज व अपमानित करके मृतक ने चार गोलियां उसके सिर में उतराने की धमकी दे डाली, जिससे परेशान अरविंद ने मेघराज से संपर्क किया। अनूप की हत्या के लिए दो लाख रुपये में सौदा तय हुआ दस हजार रुपये मेघराज को अरविंद ने दे दिए। फिर योजना बनाने के लिए मेघराज व उनके साथियों के साथ ललितपुर आकर अरविंद ने अनूप के घर की पहचान कराई। दो फरवरी को मेघराज व पीयूष बाइक पर सवार होकर झांसी से ललितपुर आए और दिलीप बस से आया। तीनों मुहल्ला चौबयाना में तय समय पर एकत्रित हुए और बाइक से बड़ापुरा स्थित अनूप के घर पहुंचे। दिलीप बाइक स्टार्ट करके खड़ा रहा। मेघराज व पीयूष ने अनूप के दरवाजे की कुंडी बजाकर उसको आवाज लगाई। अनूप ने दरवाजा खोले बिना उनसे बातचीत शुरू कर दी। यह देख मेघराज ने खुद को महरौनी का बताते हुए ठेकेदारी के संबंध में बातचीत करने को कहा। जिसके बाद अनूप ने दरवाजा खोल दिया। मौका पाते ही मेघराज ने पिस्टल से तीन गोलियां अनूप पर दाग दीं। अनूप लड़खड़ाकर गिर गया। मेघराज ने पिस्टल पीयूष को दी और उसने भी दो गोलियां अनूप को मारी। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर निकल गए। फिर दिलीप आजादपुरा अपनी ससुराल चला गया और मेघराज व पीयूष झांसी निकल गए। उधर, मृतक के घर संपर्क साधने पर पुलिस को जानकारी मिली कि उसका बहनोई बड़ापुरा ससुराल आया है। इस पर पुलिस ने गोदूं कंपाउंड निवासी अरविंद श्रीवास को गिरफ्तार कर लिया।खुलासे में यह खाकीधारी रहे शामिलललितपुर। अनूप सहाय हत्याकांड के खुलासे में कोतवाली प्रभारी एके सिंह चौहान, वरिष्ठ उप निरीक्षक राजबाबू यादव, उप निरीक्षक संतकुमार यादव, उप निरीक्षक अजमेर सिंह भदौरिया, धर्मेंद्र सिंह, हरिओम, हसीन खान, प्रदीप कुमार के साथ क्राइम ब्रांच के रविंद्र कटियार, श्यामसुंदर सिंह, अजमत उल्ला, सुनील कुमार, राघवेंद्र सिंह शामिल रहे। 50 हजार व सम्मान चिह्न से होंगे सम्मानितललितपुर। अनूप हत्याकांड के खुलासे को लेकर सामाजिक संगठनों के ज्ञापन आदि से जनपद पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा था। इस पर पुलिस अधीक्षक डा. ओपी सिंह ने नए सिरे से टीमों को काम पर लगाया और उनसे बराबर संपर्क में रहे। परिणामस्वरूप घटना का सफलतापूर्वक पटाक्षेप हो गया। पुलिस महानिदेशक ने खुलासे में शामिल पुलिस कर्मियों को पचास हजार रुपये का इनाम व सम्मान चिह्न से पुरुस्कृत करने की घोषणा कर दी।

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  • Web Title:Brother-in-law murdered by contractor Anoop