ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेश लखीमपुरखीरीहमला करने में बाघों ने बदला अंदाज, वन विभाग ने जंगल के रूटों पर बढ़ाई निगरानी

हमला करने में बाघों ने बदला अंदाज, वन विभाग ने जंगल के रूटों पर बढ़ाई निगरानी

दुधवा में जंगल के रास्तों पर बाघों के हमलों के बदले अंदाज ने वन विभाग को भी चिंता में डाल रखा है। अब तक बाघ सिर्फ चौपाया की स्थिति में मिले इंसानों...

हमला करने में बाघों ने बदला अंदाज, वन विभाग ने जंगल के रूटों पर बढ़ाई निगरानी
हिन्दुस्तान टीम,लखीमपुरखीरीMon, 04 Dec 2023 01:00 AM
ऐप पर पढ़ें

लखीमपुर। दुधवा में जंगल के रास्तों पर बाघों के हमलों के बदले अंदाज ने वन विभाग को भी चिंता में डाल रखा है। अब तक बाघ सिर्फ चौपाया की स्थिति में मिले इंसानों पर हमला कर रहे थे। अब चलते वाहनों पर बाघों के हमले से डर बढ़ गया है। वन विभाग ने जंगल के रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही, जंगल से गुजरने वालों को भी सतर्क किया जा रहा है।
दो दिन पहले दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्निया क्षेत्र में जंगल के रास्ते पर चलती कार पर बाघ झपट पड़ा था। हालांकि ऐसा बहुत कम ही होता है। हालांकि पिछजे साल बफर जोन के मैलानी रेंज में बाघ ने ट्रैक्टर से जा रहे एक किसान पर हमला कर जान ले ली थी। उस वक्त वन विभाग इस घटना को कुछ और ही बता रहा था। वन विभाग यह मानने को आसानी से तैयार नहीं था कि बाघ चलते वाहन पर हमला कर सकता है। वहीं, कतर्निया की घटना के बाद माना जा रहा है कि बाघ चलते वाहनों पर भी हमला कर सकता है।

अब तक चौपाया स्थिति में ही करता था हमला

अब तक बाघ के हमलों के बारे में जानकारों का दावा था कि वह किसी इंसान के चौपाया की स्थिति में होने पर ही हमला करता था। दक्षिण खीरी के डीएफओ संजय विश्वाल का कहना है कि आम तौर पर जब कोई बैठकर खेत पर काम कर रहा हो या उकड़ू की स्थिति में हो, तभी बाघ उस पर जानवर समझकर हमला करता है। ऐसा ही अब तक सामने आता रहा है और 90 फीसदी मामलों में यही होता रहा है। हालांकि बाघों के हमलों का यह अंदाज जंगल के बाहर खेतों के आसपास ही दिखता रहा है। जंगल से भटके बाघ इस अंदाज में हमला करते हैं।

जंगल के रास्तों पर बढ़ी निगरानी

खीरी जिले के तमाम इलाकों में जंगल पड़ता है और वहां बाघों की मौजूदगी है। दुधवा बफर जोन के कुकरा जंगल में बाघ मौजूद है और वहीं से रास्ता भी निकला है। लोगों ने शाम के वक्त वहां कई बार बाघ देखा है। उनको डर है कि कहीं बाघ वाहनों पर हमला न कर दे। वन विभाग ने भी इन जंगल के रास्तों पर निगरानी बढ़ाई है। वजह यह है कि ये रास्ते जंगल के बीच हैं और अंधेरे में हैं। यही हाल भीरा जंगल के रास्ते का भी है और वहां भी खतरा है। वन विभाग चौकियां बनाकर वहां पर निगरानी कर रहा है।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें