
गन्ने के सीजन में बाघों की दहशत, कई जगह रुकी कटाई और गन्ने की तौल
संक्षेप: Lakhimpur-khiri News - - चीनी मिलों के शुरू होते ही किसानों ने तेज की गन्ना कटाई, लेकिन खेतों में बाघों की बढ़ती मौजूदगी बनी खतराहमले में किसान घायल, आसपास के इलाकों में रोक
लखीमपुर, संवाददाता। गन्ने का सीजन शुरू हो गया है। कई चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है। पर इसी के साथ बाघ की दहशत भी कायम है। तीन दिनों के अंदर दो जगह घटनाएं हो चुकी हैं। एक किसान पर बाघ ने हमला किया तो वहीं एक चीनी मिल के गन्ना सेंटर के पास बाघ दिखाई देने लगा तो तौल रोकनी पड़ी है। अब वन विभाग एक जगह पिंजरा लगाकर बाघ को पकड़ने की तैयारी कर रहा तो दूसरी जगह कांबिंग जारी है। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के शारदानगर वन रेंज की देवकली बीट के गांव में सोमवार की दोपहर बाघ अचानक गन्ने के खेत से निकल गन्ने के सेंटर पर पहुंच गया।

जिससे सेंटर पर मौजूद मिल कर्मचारियों समेत किसान भाग खड़े हुए। यहां गुलरिया चीनी मिल का गन्ना क्रम केन्द्र है। बाघ की दहशत से मिल कर्मचारियों ने तौल बंद कर दी। थोड़ी देर बाद कुछ दूरी पर लगे हरगांव चीनी मिल के क्रय केंद्र हरिहरपुर में भी बाघ को किसानों ने देखा। वहां पर तैनात चौकीदार दिनेश वर्मा ने बताया कि कल रात में बाघ की दहाड़ सुनाई दे रही थी। यह बात सुनकर सभी किसान अपना गन्ना छोड़कर अपने अपने घर चले गए। तौल बंद करवा दी गई। ग्रामीणों ने बाघ की सूचना वन विभाग को दी। टीम ने गन्ने के खेतों में कांबिग की और यहां बाघ नहीं तेंदुआ बताया। विभाग ने पिंजरा लगा दिया है। दो दिन पहले ही दुधवा बफर जोन के गांव में गन्ना छील रहे किसान पर बाघ ने हमला कर दिया था। इसके बाद दहशत में किसान दिन में भी गन्ने के खेत पर जाने से कतरा रहे है। कई जगह कटाई रुकी है।

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