ढाका गांव में बाघ की दहशत

हिन्दुस्तान, लखीमपुरखीरी
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कुकरा, संवाददाता।की टीम मौके पर नहीं पहुंची जिससे लोगों में भय बना है। गांव के प्रधान रामकिशन ने बताया कि वह बुधवार शाम करीब 7:30 बजे अपने छोटे भाई गो

ढाका गांव में बाघ की दहशत

कुकरा। मैलानी थाना क्षेत्र के ढाका गांव में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची जिससे लोगों में भय बना है।

ग्रामीणों का अनुभव

गांव के प्रधान रामकिशन ने बताया कि वह बुधवार शाम करीब 7:30 बजे अपने छोटे भाई गोविंद को खेत पर छोड़ने गए थे । भाई को खेत पर छोड़कर जब वह वापस घर लौट रहे थे तभी गांव के पास पुलिया के पास बैठे बाघ पर उसकी नजर पड़ गई। बाघ को देखते ही सुरेश घबरा गया और किसी तरह बाइक लेकर वहां से भाग निकला। गांव पहुंचकर उसने शोर मचाया जिसके बाद ग्रामीण लाठी डंडे लेकर पुलिया के पास एकत्र हो गए। ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ नाले के रास्ते बरूछा की ओर चला गया।

वन विभाग की लापरवाही

ग्रामीणों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद करीब 7.45 बजे वन विभाग के वन दरोगा को फोन कर सूचना दी गई लेकिन देर रात तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाघ की दहशत के कारण किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। गर्मी के मौसम में किसानों को खेतों में खाद डालने समेत अन्य कृषि कार्य करने हैं लेकिन भय के चलते लोग खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को पकड़कर जंगल में छोड़े जाने की मांग की है ताकि गांव के लोग भयमुक्त होकर खेती-किसानी कर सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांव के प्रधान का नाम क्या है?
गांव के प्रधान का नाम रामकिशन है।
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