The silence is the administrative officer Pata is going to the lake - चुप्पी साधे हैं प्रशासनिक अफसर, पाटा जा रहा है सरोवर DA Image

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चुप्पी साधे हैं प्रशासनिक अफसर, पाटा जा रहा है सरोवर

चुप्पी साधे हैं प्रशासनिक अफसर, पाटा जा रहा है सरोवर

तहसील प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका परिषद के साथ मत्स्य विभाग भी पौराणिक सतौती सरोवर की अनदेखी कर रहा है। उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सतौती सरोवर पर जेसीबी चल रही हैं और सरोवर का तमाम भाग भी पाटा जा चुका है फिर भी विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। खास बात यह है कि तहसील प्रशासन इस ओर से बिलकुल आंखे बन्द किए है। यही हाल रहा तो एक भी तालाब नहीं बचेगा।

शहर के पौराणिक सतौती सरोवर पर संकट के बादल हैं। तमाम संगठन आवाज बुलंद कर चुके हैं। कुछ संगठन हाईकोर्ट की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले पौराणिक सतौती सरोवर काफी समय पहले नगर पालिका परिषद द्वारा मत्स्य विभाग को हैंडओवर कर दिया गया था जिससे मछली पालन हो सके। उसके बाद मत्स्य द्वारा सरोवर की पैमाइश कराकर उसे अपने अधिग्रहण में लिया गया था, पर काम कुछ नहीं हुआ। अब जब सतौती सरोवर पर अवैध कब्जेदारी चल रही है। इतना शोर मचने के बाद भी तहसील के अधिकारी निजी स्वार्थ बस चुप्पी साधे हैं और अधिकारियों को भी गुमराह कर रहे हैं। कहीं न कहीं जनप्रतिनिधियों की भी इसमें मौन स्वीकृत रही है। इधर मत्स्य विभाग द्वारा भी चुप्पी साधे रहना इस बात को इंगित करता है कि कहीं न कहीं भू माफियाओं की पहुंच मत्स्य विभाग के अधिकारियों तक भी है जिससे विभागीय अधिकारियों ने कोई रुचि दिखाकर सतौती सरोवर को बचाने की कोशिश नहीं की।

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