DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › लखीमपुरखीरी › यूपी बोर्ड का रिजल्ट देख खुशी से झूमे छात्र-छात्राएं
लखीमपुरखीरी

यूपी बोर्ड का रिजल्ट देख खुशी से झूमे छात्र-छात्राएं

हिन्दुस्तान टीम,लखीमपुरखीरीPublished By: Newswrap
Sat, 31 Jul 2021 11:30 PM
कोरोना संक्रमण को देखते पूरा सत्र बीत गया स्कूल नहीं खुले। ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई। इसमें शहरी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को तो कुछ समझ में...
1 / 4कोरोना संक्रमण को देखते पूरा सत्र बीत गया स्कूल नहीं खुले। ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई। इसमें शहरी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को तो कुछ समझ में...
कोरोना संक्रमण को देखते पूरा सत्र बीत गया स्कूल नहीं खुले। ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई। इसमें शहरी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को तो कुछ समझ में...
2 / 4कोरोना संक्रमण को देखते पूरा सत्र बीत गया स्कूल नहीं खुले। ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई। इसमें शहरी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को तो कुछ समझ में...
कोरोना संक्रमण को देखते पूरा सत्र बीत गया स्कूल नहीं खुले। ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई। इसमें शहरी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को तो कुछ समझ में...
3 / 4कोरोना संक्रमण को देखते पूरा सत्र बीत गया स्कूल नहीं खुले। ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई। इसमें शहरी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को तो कुछ समझ में...
कोरोना संक्रमण को देखते पूरा सत्र बीत गया स्कूल नहीं खुले। ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई। इसमें शहरी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को तो कुछ समझ में...
4 / 4कोरोना संक्रमण को देखते पूरा सत्र बीत गया स्कूल नहीं खुले। ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई। इसमें शहरी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को तो कुछ समझ में...

लखीमपुर-खीरी।

कोरोना संक्रमण को देखते पूरा सत्र बीत गया स्कूल नहीं खुले। ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई। इसमें शहरी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को तो कुछ समझ में आया लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए नेटवर्क बड़ी समस्या रही। इससे पढ़ाई बाधित हुई। हाईस्कूल व इंटर की बोर्ड परीक्षा होने के कारण छात्र-छात्राओं ने घर पर रहकर परीक्षा दी, पर परीक्षाएं निरस्त कर दी गईं। इससे पढ़ाई और बेपटरी हो गई। सरकार के निर्देश पर एक फार्मूला तैयार किया गया और शनिवार को हाईस्कूल व इंटर का रिजल्ट जारी कर दिया गया। रिजल्ट में सभी बच्चे पास हो गए। लेकिन इस रिजल्ट से मेधावी खुश नहीं हैं। हाईस्कूल में टॉपर रहने वाले छात्र-छात्राओं में से कई ऐसे हैं जिनके इंटर में नम्बर कम हो गए। इससे निराश हैं। हालांकि बोर्ड ने यह व्यवस्था कर रखी है कि रिजल्ट से असंतुष्ट छात्र अगले सत्र में होने वाली परीक्षा दे सकते हैं।

जिले में हाईस्कूल में इस साल पंजीकृत छात्र 49698 थे। वहीं इंटरमें पंजीकृत छात्र-छात्राए 42017 थे। बोर्ड की परीक्षा में पहली बार बिना परीक्षा के सभी छात्र-छात्राएं पास हो गए हैं। शनिवार की दोपहर बाद हाईस्कूल व इंटर का रिजल्ट बोर्ड ने जारी कर दिया। इस बार बिना परीक्षा के जारी हुआ रिजल्ट जानने के लिए छात्र-छात्राओं में उत्साह रहा। कोरोना के कारण पढ़ाई तो बेपटरी रही ही परीक्षाओं की तैयारी भी छात्र-छात्राएं नहीं कर सके। इससे छात्र-छात्राओं में असमंजस था कि उनको अंक कैसे मिलेंगे। बोर्ड ने अंक जारी करने के लिए एक फार्मूला तैयार किया। इसमें हाईस्कूल के रिजल्ट के लिए कक्षा नौ के आंकड़े व प्री बोर्ड के अंकों को लिया गया वहीं इंटर के परीक्षा परिणाम का आधार हाईस्कूल, 11वीं के अंकों को लिया गया। इसके बाद बोर्ड ने परीक्षा परिणाम जारी किया। सभी छात्र-छात्राएं पास तो हो गए पर इस फार्मूला से कई मेधावी छात्र-छात्राएं ज्यादा खुश नजर नहीं आए। मेधावियों का कहना है कि परीक्षा होती और उसके बाद जो नम्बर मिलते हैं उससे ज्यादा खुशी मिलती। भले ही नम्बर कुछ कम या ज्यादा होते। यह जो नम्बर दिए गए हैं उससे उतनी खुशी नहीं है।

सिटी मांटेसरी स्कूल के प्रबंधक विशाल सेठ ने बताया कि हाईस्कूल में 363 बच्चे पंजीकृत थे सभी पास हैं। महिमा बाजपेई को 91.83 प्रतिशत अंक मिले हैं। वहीं अर्पितांश दीक्षित को 91 प्रतिशत अंक मिले हैं। इंटरमीडिएट में 447 बच्चे पंजीकृत थे। सभी पास हैं। इंटर में कनिष्क को 89 प्रतिशत अंक मिले जबकि अमितांश को 89 प्रतिशत अंक मिले हैं। उधर बालिका विद्या मन्दिर मन्दिर इंटर कालेज की प्रधानाचार्य शिप्रा बाजपेई ने बताया कि हाईस्कूल में 218 व इंटर में 218 छात्राएं पंजीकृत थी सभी पास हैं। आरएम ज्ञानदायिनी इंटर कालेज के प्रबंधक राकेश वर्मा ने बताया कि सभी बच्चे पास हैं। हाईस्कूल में अर्पित वर्मा को 90.33 प्रतिशत अंक मिले हैं। सिद्धांत को 89.17 प्रतिशत अंक मिले हैं। 10 बच्चे ऐसे हैं जिनको 86.17 प्रतिशत से अधिक अंक मिले हैं।

संबंधित खबरें