Lakhimpur Khiri News: शारदा की चपेट में आया रूरा सुल्तानपुर, लोग खुद तोड़ने लगे आशियाने
Lakhimpur Khiri News: शारदा की चपेट में आया रूरा सुल्तानपुर, खुद तोड़ने लगे आशियाने सुल्तानपुर, खुद तोड़ने लगे आशियाने -शारदा नदी का कटान अब रूरा सुल्तानपुर गांव के लिए गंभ

Lakhimpur Khiri News: बिजुआ। शारदा नदी का कटान अब रूरा सुल्तानपुर गांव के लिए गंभीर खतरा बन गया है। नदी लगातार गांव की ओर बढ़ रही है और गांव के नजदीक पहुंच चुकी है। हालात ऐसे हो गए हैं कि ग्रामीण अपने आशियाने खुद तोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर जाने को मजबूर हैं। रूरा सुल्तानपुर में शारदा नदी के लगातार बढ़ते कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों की स्थिति
नदी की धारा गांव के करीब पहुंचने के बाद कई परिवारों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। लोग अपने घरों को तोड़कर ईंट, लकड़ी और अन्य जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष शारदा नदी अपने साथ तबाही लेकर आती है, लेकिन इस बार कटान गांव के बेहद करीब पहुंच गया है। यदि कटान इसी तरह जारी रहा तो रूरा सुल्तानपुर का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर प्रशासनिक अमला पहुंचा और हालात का जायजा लिया। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। वहीं, नदी के बढ़ते कटान को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि जिस गांव में उन्होंने वर्षों अपना जीवन बिताया, कहीं शारदा की धारा उसे पूरी तरह अपने आगोश में न ले ले।
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हाथों से बनाया आशियाना, अब खुद तोड़ रहे ग्रामीण
घर तोड़ने की मजबूरी
शारदा के रौद्र रूप देखकर नदी की तेज कटान ने रूरा सुल्तानपुर गांव के ग्रामीणों के सामने ऐसा संकट खड़ा कर दिया है, जिसकी कल्पना उन्होंने कभी नहीं की थी। जिन घरों को ग्रामीणों ने वर्षों की मेहनत और अपनी जमा पूंजी से एक-एक ईंट जोड़कर बनाया था, आज उन्हीं आशियानों को अपने हाथों से तोड़ने की मजबूरी सामने आ गई है। ग्रामीणों के आंखों में आंसू, माथे पर चिंता की लकीरें और दिल में घर छूटने का दर्द लिए ग्रामीण अपने सामान को समेटकर सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे हैं। गांव के नजदीक पहुंच चुकी शारदा नदी की कटान लगातार लोगों के घरों और जमीन को अपनी चपेट में ले रही है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अब अपने आशियाने सुरक्षित बचने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि घर छोड़ना उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं है। जिस घर में परिवार की पीढ़ियां रहीं, बच्चों का बचपन बीता और जीवन की तमाम यादें जुड़ी हैं, आज उसी घर को मजबूरी में तोड़ना पड़ रहा है।
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हर साल त्रासदी बनकर आती है शारदा
प्रशासन की पहल
बिजुआ। शारदा नदी का कटान ग्रामीणों के लिए हर वर्ष बड़ी मुसीबत लेकर आता है। नदी का रुख बदलने के साथ खेत और आबादी इसकी जद में आती रही है। इस बार रूरा सुल्तानपुर गांव के सामने स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। ग्रामीणों के गांव से बाहर निकलने के बीच मौके पर प्रशासनिक अमला भी पहुंचा है। अधिकारियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कवायद की जा रही है।


