बनते-बनते फिर बिगड़ गई बिजली, अंधेरा कायम
बनते-बनते फिर बिगड़ गई बिजली, अंधेरा कायमकायम -गुरुवार की रात एक बार फिर आई आंधी से बिगड़ा मौसम - सोमवार देर रात आए आंधी-तूफान में ध्वस्त हुई बिजली आप

लखीमपुर। सोमवार को आई तेज आंधी के बाद मैगलगंज, पसगवां, जेबीगंज, मकसूदपुर क्षेत्र के 300 से ज्यादा गांवों की बिजली गुल हो गई थी। खंभे गिर गए थे। शुक्रवार सुबह तक बिजली बहाल होने की लोगों को पूरी उम्मीद थी, लेकिन इस बीच गुरुवार की रात फिर आंधी आ गई। इसके बाद बनते-बनते बिजली फिर बिगड़ गई। हिन्दुस्तान ने प्रभावित इलाकों में बिजली व्यवस्था की पड़ताल की। बमुश्किल जुट पाया सामान, लेकिन बिजली नहीं हुई बहाल
बिजली बहाली की उम्मीदें
चपरतला। औरंगाबाद पावर हाउस से जुड़ी किसी भी लाइन पर अब तक बिजली बहाल नहीं हो सकी है, जिससे करीब 300 गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। लगातार बिजली गुल रहने से क्षेत्र का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मोबाइल फोन डिस्चार्ज होने से लोगों के संपर्क टूट गए हैं, वहीं इनवर्टर जवाब दे चुके हैं जिससे घरों में पानी का संकट भी गहरा गया है। ऑटो रिक्शा चार्ज न हो पाने के कारण सैकड़ों श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक रोग फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक सामान उपलब्ध हो गया है और युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। अधिकारियों ने जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल करने का दावा किया है।
बिजली आपूर्ति में देरी
मेन लाइन भी नहीं हो सकी दुरुस्त, कैसे मिले बिजली
मकसूदपुर । बरवर ग्रामीण पावर हाउस के मकसूदपुर फीडर से जुड़े गांवों में आंधी के कारण ठप हुई बिजली आपूर्ति शुक्रवार पांचवे दिन भी बहाल नहीं हो सकी। बिजली विभाग आंधी आने के पांच दिन बाद भी गावों में आपूर्ति बहाल नहीं कर सका है। गांवों में आपूर्ति की बात तो बहुत दूर पांच किलोमीटर की मेन लाइन भी चालू नही कर सका है। समाचार लिखे जाने तक बरवर उपकेंद्र से मकसूदपुर कस्बे तक पांच किलोमीटर लंबी 11000 की मुख्य लाइन पर टूटे 18 खंभे सही हो गए हैं। पर उन पर तार नहीं डाले जा सके हैं। हालांकि बिजली विभाग शाम तक मकसूदपुर कस्बे तक आपूर्ति बहाल करने दावा कर रहा है। वहीं लगातार पांच दिनों से बिजली आपूर्ति न मिल पाने से ग्रामीण इलाकों में जन जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है । बिजली न मिलने से मोबाइल टावरों के नियमित संचालन न होने से नेटवर्क की दिक्कतें भी आ रही हैं। गांवों में लोगों के घरेलू समर्सिबल ठप होने से पीने के पानी की समस्या भी बढ़ गई हैं। गांवों में इलेक्ट्रिक स्कूटी और ई रिक्शे डाउन होने से आवागमन की भी दिक्कतें हो रही हैं। गांवों के टूटे विद्युत पोल व एलटी लाइने अभी भी सही नही हो पाई । फीडर के सभी 35 गांवों में बिजली की आपूर्ति बहाल होने में अभी भी तीन दिन से अधिक का समय लगने की उम्मीद है। वहीं जेई शिव प्रकाश जोशी ने बताया कि कर्मचारी लगातार कार्य कर रहें है। सभी जगह यथा शीघ्र आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी है।
स्थानीय लोगों का रोष
पांचवें दिन भी अंधेरे में जेबीगंज, बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप
पसगवां। तेज आंधी के बाद जेबीगंज कस्बे में बिजली आपूर्ति पांचवें दिन भी बहाल नहीं हो सकी, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। सोमवार आई तेज आंधी में मुख्य बिजली लाइन और कई पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। लगभग 80 घंटे बाद विभाग ने मेन लाइन की मरम्मत करके उपकेंद्र जंग बहादुर गंज तक आपूर्ति बहाल कर दी, लेकिन कस्बे तक बिजली नहीं पहुंचने से तबाही जैसी स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उपकेंद्र जेबीगंज पर बिजली पहुंचने के बावजूद विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही और स्टाफ की कमी के चलते कस्बे की आंतरिक लाइनों की मरम्मत नहीं की जा रही है। कई इलाकों में टूटे तार और ढह चुके पोल अब भी ज्यों के त्यों पड़े हैं। बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) शुभम मौर्य ने बताया कि शुरुआती दिन मेन लाइन की मरम्मत में समस्त स्टाफ व्यस्त था, और अब कस्बे की लाइनों की मरम्मत कर बिजली को सुचारू किया जाएगा। अधिकारी ने यह भी कहा कि गुरुवार रात मौसम खराब रहने के कारण मरम्मत का काम प्रभावित हुआ। हालांकि लोगों ने यह दलील अस्वीकार करते हुए कहा कि आवश्यक संसाधन और कर्मी तैनात कर तत्काल मरम्मत की जा सकती थी।
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