DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  लखीमपुरखीरी  ›  व्यथा कथा-महामारी ने दिया जख्म, अब बकाया भुगतान को दौड़ रहे

लखीमपुरखीरीव्यथा कथा-महामारी ने दिया जख्म, अब बकाया भुगतान को दौड़ रहे

हिन्दुस्तान टीम,लखीमपुरखीरीPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:32 AM
व्यथा कथा-महामारी ने दिया जख्म, अब बकाया भुगतान को दौड़ रहे

लखीमपुर-खीरी।

कोरोना संक्रमण ने घर के कमाऊ सदस्य को हमेशा के लिए छीन लिया। सरकारी नौकरी कर रहे जिन कर्मचारियों की असमय कोरोना संक्रमण से मौत हुई है उन पर परिवार की बड़ी जिम्मेदारियां थी। अचानक कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। इनकी मौत से परिवार बेहाल हैं। अब इनके परिवार वालों के सामने आगे किस तरह से परिवार का भरण-पोषण होगा, यह बड़ी चुनौती है। कर्मचारियों के देयकों का भुगतान अभी नहीं हुआ है। भुगतान के लिए फाइलें दफ्तरों में इधर-से उधर दौड़ाई जा रही हैं। न तो पेंशन बन सकी है और ही जीपीएफ आदि का भुगतान हो सका है। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि जल्द ही सभी भुगतान किए जाएंगे। प्रक्रिया चल रही है।

पलिया ब्लाक के पूरनपुरवा गांव के शिक्षक कृष्ण कुमार विश्वकर्मा भी चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना से 20 अप्रैल को चल बसे। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक उनको पीठासीन अधिकारी बनाया गया था। चुनाव के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ी। जब वह अपने घर पहुंचे तब तक हालत खराब हो चुकी थी। लखनऊ ले जाते वक्त वह चल बसे। इस परिवार को भी सरकारी मदद की आस है। पर अब तक मिला कुछ नहीं। परिवार वाले रो-रोकर कहते हैं कि हमें हमारा बेटा लौटा दो, हमको कुछ नहीं चाहिए। प्राथमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी राहुल वाजपेयी कहते हैं कि विश्वकर्मा के परिवार में बुजुर्ग माता-पिता के अलावा दो बेटे व बेटियां हैं। अब तक इनके देयकों पर विभाग ने कुछ नहीं किया है। उधर बीएसए बुद्धप्रिय सिंह ने बताया कि जल्द ही सभी कर्मचारियों के परिवारों को देयकों का भुगतान किया जाएगा। सभी ब्लाकों से रिपोर्ट मांगी गई थी। पत्रावली तैयार हो चुकी है।

संबंधित खबरें