कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिरि-सुमिरि नर उतरहिं पारा
दतेलीकला के जंगली नाथ शिव मंदिर में रुद्र महायज्ञ और संत सम्मेलन का आयोजन हुआ। भक्तों ने यज्ञ में आहुतियां दीं और भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया। पिछले 13 वर्षों से यह यज्ञ ग्राम पंचायत दतेली कलां के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। संतों ने भागवत पुराण की कथाएं सुना कर कलियुग की महिमा बताई।

क्षेत्र के दतेलीकला में सदाशिव लीलाधारी बाबा जंगली नाथ शिव मंदिर में चल रहे रुद्र महायज्ञ व संत सम्मेलन में मंत्रोच्चार के बीच भक्तों ने यज्ञ में आहुतियां दीं। भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया गया। विश्व कल्याण की कामना की गई। पिछले तेरह सालों से यहां रुद्र महायज्ञ का आयोजन ग्राम पंचायत दतेली कलां व क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से किया जा रहा है। संत सम्मेलन में भागवत पुराण कथाएं श्रोताओं को सुनाई गईं। मंच संचालक कथावाचक प्रेम सागर मिश्रा ने कलयुग को सभी युगों में श्रेष्ठ बताया। उन्होंने कहा कि कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिरि सुमिरि नर उतरैं पारा। कलयुग में भगवान नाम ही सबसे बड़ा मंत्र है।
भगवत नाम से प्राणी भव से पार हो जाता है। खुटार से आए कथा वाचक शुभम तिवारी ने भगवान शिव की महिमा पर चर्चा करते हुए भोलेनाथ की महिमा अपार है। नाम जप से शीघ्र ही फल देने वाले हैं। इसीलिए देवों के देव शंकर को महादेव कहा गया है। सीतापुर हरगांव से आए पंडित दीपक शुक्ला ने कथावाचक शुभम तिवारी को विष्णु भगवान की मूर्ति भेंट की।
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