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23 सितम्बर, 2020|7:29|IST

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बाछेपारा में खेत काट रही नदी, रैनी में कटान कुछ थमा

बाछेपारा में खेत काट रही नदी, रैनी में कटान कुछ थमा

शारदा व घाघरा नदी की विनाश लीला जारी है। बाछेपारा गांव का एक मजरा नदी में समाने के बाद नदी अब खेत काट रही है। खेत के बाद दूसरा गांव है। इस गांव के लोग भयभीत हैं। गांव वाले कटान रोकने की मांग कर रहे हैं। उधर रैनी गांव शारदा नदी के निशाने पर है। यहां कुछ ही घर बचे हैं। यहां बचाव कार्य चल रहा है लेकिन गांव वालों का कहना है कि बचाव के इंतजाम पहले से होते तो गांव बच सकता था।

बाछेपारा गांव पर नदी की नजरें टेढ़ी हुईं तो गांव वालों ने गृहस्थी का समान निकाल सुरक्षित स्थानों पर पलायन शुरू किया। गांव का एक मजरा नदी में समा चुका है। दूसरे मजरे की ओर नदी बढ़ रही है। बीच में एक खेत की दूरी है। इस खेत में नदी तेजी से कटान कर रही है। गांव वालों ने तहसील प्रशासन से बचाव कार्य कराने की मांग की है। उधर रैनी गांव में भी कटान चल रहा है। यहां कटान रोकने के लिए एसडीएम के निर्देश पर सिंचाई खंड के अधिकारी लगे हैं। कटान कुछ थमा है लेकिन गांव वाले डरे हैं। गांव वाले बताते हैं कि अगर पहले से बचाव कार्य होते तो शायद कटान न होता। रैनी गांव में शारदा नदी की तबाही से कटान पीड़ितों का हाल बद से बदतर है। उनकी सारी जमीन नदी ने पहले ही निगल ली थी उनके पास केवल मकान ही बचे थे। यह भी नदी की भेंट चढ़ गए। अब ग्रामीणों के पास न घर है और न ही जमीन। अब ये कटान पीड़ित सड़क के किनारे अपना आशियाना बनाकर और तिरपाल के नीचे जीवन कट रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक तहसील प्रशासन ने करीब 30 दिन पहले कटान पीड़ितों को एक-एक राशन किट दिया, उसके बाद न तो प्रशासन ही और न ही कोई जनप्रतिनिधि कटान पीड़ितों की मदद को आगे आया। गांव वाले नदी से अपने बचे घरों को बचाने की मांग की है।

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  • Web Title:River cutting field in Bachepara harvesting stopped in Rainy