
रेत खनन रोकने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
Lakhimpur-khiri News - लखीमपुर के मांझा गांव में हो रहे अवैध रेत खनन के कारण भूमि कटान से ग्रामीण परेशान हैं। उन्होंने एडीएम को ज्ञापन देकर खनन रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नाले की चौड़ाई बढ़ने से कृषि भूमि और धार्मिक स्थलों को खतरा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लेख किया गया है।
लखीमपुर। निघासन तहसील के ग्राम पंचायत मांझा में जौराहा नाले पर हो रहे रेत खनन के कारण बढ़ते भूमि कटान से आक्रोशित ग्रामीणों ने को एडीएम को ज्ञापन सौंपकर खनन कार्य तत्काल रोकने की मांग की है। कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे ग्रामीणों का आरोप है कि आवंटित खनन पट्टे के नाम पर हो रहा अत्यधिक खनन नाले की चौड़ाई को खतरनाक स्तर तक बढ़ा रहा है, जिससे सैकड़ों बीघा उपजाऊ कृषि भूमि नाले में समा चुकी है। अब कटान की जद गांव के मकानों और धार्मिक स्थलों तक पहुंच गई है। ग्रामीणों ने बताया कि नाले के किनारे स्थित गुरुद्वारा साहिब भी खतरे में है।

यदि खनन नहीं रोका गया तो पूरा मांझा गांव संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 13 नवंबर 2025 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि दुधवा टाइगर रिजर्व के निकटवर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां एक किलोमीटर के दायरे में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है, फिर भी नियमों की अवहेलना की जा रही है। इससे पहले सरजू नदी के विलय से लाभ सिंह, मुन्ना, मेंहदी हसन, भजन सिंह, रंजीत सिंह सहित कई किसानों की दर्जनों बीघा जमीन कट चुकी है। ग्रामीणों ने अवैध रूप से बने ह्यूम पाइप के बने पुल के ढांचे को भी हटाने की मांग की, जो पानी रोककर कटान को और बढ़ावा दे रहा है। इस मौके पर परमजीत सिंह, वीरेंद्र सिंह, सोनी बाजवा, अमर सिंह, हरमीत सिंह, सतनाम सिंह, केवल सिंह, सोनी औलख, शाहिद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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