
समझौते की शर्तें तोड़ीं तो होगा बड़ा आंदोलन: राकेश टिकैत (मेरठ समेत अन्य केंद्र)
Lakhimpur-khiri News - तीकुनियां में संयुक्त किसान मोर्चा की पंचायत में राकेश टिकैत ने खीरी कांड का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने समझौते की शर्तें तोड़ी हैं, जिससे पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस नहीं मिले। टिकैत ने किसानों को बड़े आंदोलन की तैयारी करने का आह्वान किया और विभिन्न मांगें उठाईं।
तिकुनियां(लखीमपुर), संवाददाता। संयुक्त किसान मोर्चा की किसान पंचायत में सोमवार को भाकियू नेता राकेश टिकैत ने खीरी कांड का मुद्दा फिर उठाया। टिकैत ने आरोप लगाया कि अफसर समझौते की शर्तों को तोड़ रहे हैं। अब तक पीड़ित परिवारों को शस्त्र लाइसेंस नहीं मिले। कइयों की सुरक्षा में कमी कर दी गई है। टिकैत ने किसानों का आह्वान किया कि बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहें। कौड़ियाला गुरुद्वारे परिसर हुई किसान पंचायत में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि यह वही इलाका है जहां पांच साल पहले किसान शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि यहां आने पर पता चला कि कुछ किसानों के सुरक्षा के लिए आर्म्स लाइसेंस बनने थे लेकिन वे आज तक नहीं बनाए गए हैं।
कुछ लोगों की सुरक्षा भी कम की गई या वापस ले ली गई है। यह समझौते की शर्ते तोड़ने का काम है। टिकैत ने कहा कि तीन अक्तूबर 2021 को जिन अफसरों ने समझौता कराया था, अभी वे रिटायर नहीं हुए हैं। राकेश टिकैत ने कहा कि यहां दोबारा आंदोलन नहीं हुए, इसीलिए यहां किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें पूरी कराने के लिए लखीमपुर में कार्यक्रम चलाया जाएगा। उन्होंने अफसरों को आगाह किया कि उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। यह भारत-नेपाल सीमा का महत्वपूर्ण इलाका है। यहां के लोगों के आवागमन के इकलौते सबसे अच्छे साधन रेलवे पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मैलानी-नानपारा प्रखंड को बड़ी रेलवे लाइन नहीं बनाया गया है। इलाके के भूमिहीन किसानों को बहुत पहले रियासतों और जमीदारों से खेती की जमीन के पट्टे दिए गए थे। उनके कागज होने पर भी ये पट्टे निरस्त किए जा रहे हैं। ऐसा करना बंद किया जाए। राकेश टिकैत ने एमएसपी गारंटी कानून बनाने की मांग करने के साथ ही किसानों से खेती से जुड़े रहने की सलाह दी। पंचायत में तजेंद्र सिंह विर्क, बूटा सिंह बुर्जगिल, पी कृष्ण प्रसाद, प्रेम सिंह गहलावत, रवींद्र सिंह पटियाला, दिलबाग सिंह, जयमल सिंह, प्रकट सिंह और कुलविंदर सिंह आदि तमाम लोग शामिल हुए। बाद में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से मौके पर मौजूद एएसपी पवन गौतम को तेरह सूत्रीय ज्ञापन दिया। ज्ञापन में किसानों का कर्ज माफ करने, बिजली का स्मार्ट मीटर न लगाने, खाद की किल्लत खत्म करने, आढ़तियों की कटौती कम करने, फसल खरीद एमएसपी पर करने, किसानों की भूमि पर वन विभाग का उत्पीड़न रोकने और गन्ना मूल्य आठ सौ रुपए प्रति क्विंटल घोषित करने सहित अन्य मांगें की गई हैं।

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