आइसा व आरवाईए कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
Lakhimpur-khiri News - इंकलाबी नौजवान सभा के सदस्यों ने पांच सूत्रीय मांगों के साथ तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक की निंदा की और जातिगत भेदभाव के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग की। छात्रों की आत्महत्याओं का हवाला देते हुए उन्होंने रोहित एक्ट लागू करने और अन्य मांगें की।

पांच सूत्रीय मांगो को लेकर तहसील पहुंचे इंकलाबी नौजवान सभा के लोगों ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को सम्बोधित एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांगो को पूरा किए जाने की मांग की गई है। शनिवार को तहसील पहुंचे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) व इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के लोगों ने तहसीलदार ज्योति वर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि हम लोग सुप्रीम कोर्ट के विश्वविद्यालय परिसर में लैंगिक और जातिगत भेदभाव के खिलाफ यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर अस्थाई रूप से रोक लगाई जाने की निंदा करते हैं। विश्वविद्यालय परिसर में विद्यमान संरचनात्मक जातिगत भेदभाव के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
जातिगत भेदभाव के कारण ही रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तडवी जैसे छात्रों को मजबूर होकर आत्महत्या करनी पड़ी। वर्तमान यूजीसी रेगुलेशन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही लाया गया एक जरूरी कदम था, जिसको बिना मेरिट, तथ्य और तर्क के रोक लगा दी गई है। ज्ञापन में यूजीसी रेगुलेशन पर रोक को निरस्त किया जाए। रोहित एक्ट लागू किया जाए, जेएनयू में जेल भेजे गए सभी छात्र नेताओं को को रिहा तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए, जातिवादी जेएनयू कुलपति को बर्खास्त किया जाए व छात्रों पर लाठी चलाने वाले पुलिस अधिकारियों को दंडित किया जाए। इस दौरान संयोजक रवि प्रताप, अरविन्द कुमार, पवन यादव, राम किशुन, जवाहर लाल, भाकपा माले की कृष्णा अधिकारी, ऐपवा जिलाध्यक्ष आरती राय, कमलेश राय व राम नरेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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