शाम आठ से 12 बजे तक कटौती से लोग हुए बेहाल
भीषण गर्मी के बीच ढकेरवा पावर हाउस की लापरवाही से क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों में आक्रोश है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतें हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया है।

भीषण गर्मी के बीच ढकेरवा पावर हाउस की लापरवाही से क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। रोज शाम आठ बजे से रात 12 बजे तक की जा रही अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों में आक्रोश है। लगातार चार घंटे बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित है।
ग्रामीणों की शिकायतें
रमियाबेहड़, लखनियापुर, खेसवाही, अभयपुर, चंदपुरा, रामनगर बगहा, छेदी पुरवा गुलरिया, अग्गरा, ढकेरवा खालसा, तेलियार, सेमरी और जटपुरवा समेत दर्जनों गांव रोजाना अंधेरे में डूब रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है,जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बुजुर्गों और बच्चों पर असर
ग्रामीणों ने बताया कि दिनभर की भीषण उमस और गर्मी के बाद रात में बिजली कटने से सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को उठानी पड़ रही है। बिजली न होने से लोग पूरी रात जागने को मजबूर हैं।
पेयजल संकट
वहीं गांवों में पेयजल संकट भी गहराने लगा है, क्योंकि बिजली आपूर्ति ठप होने से ओवरहेड टैंक और पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं। स्थानीय लोगों ने विभागीय अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार संबंधित जेई से रोस्टर में सुधार और बिजली कटौती कम करने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।


