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16 जनवरी, 2021|3:17|IST

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करामाती बल्ब खरीदकर भाग रहे दस लोगों को पुलिस ने पकड़ा

करामाती बल्ब खरीदकर भाग रहे दस लोगों को पुलिस ने पकड़ा

1 / 2नागमणि, मोरपंखी, करामती गिलास, जादुई चश्मा आदि के नाम लोगों को चूना लगाने वाले इलाके के ठगों ने इस बार अपना नया हथियार बल्ब को बनाया है। प्रदेश के कई जिलों के दस लोगों को इन ठगों ने करामाती बल्ब के...

करामाती बल्ब खरीदकर भाग रहे दस लोगों को पुलिस ने पकड़ा

2 / 2नागमणि, मोरपंखी, करामती गिलास, जादुई चश्मा आदि के नाम लोगों को चूना लगाने वाले इलाके के ठगों ने इस बार अपना नया हथियार बल्ब को बनाया है। प्रदेश के कई जिलों के दस लोगों को इन ठगों ने करामाती बल्ब के...

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नागमणि, मोरपंखी, करामती गिलास, जादुई चश्मा आदि के नाम लोगों को चूना लगाने वाले इलाके के ठगों ने इस बार अपना नया हथियार बल्ब को बनाया है। प्रदेश के कई जिलों के दस लोगों को इन ठगों ने करामाती बल्ब के नाम पर लाखों का चूना लगा दिया। खेल उस समय बिगड़ गया जब किसी की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। मौके से भागे दस खरीदार पकड़ लिए गए जबकि आरोपी ठग भागने में सफल रहे। सभी से पूछताछ की जा रही है।

गुरुवार अपराह्न करीब तीन बजे धौरहरा कोतवाली के चंदपुरा गांव के पास निघासन-सिसैया स्टेट हाइवे पर कुछ ठग बाहर से आए खरीदारों से करामाती बल्ब बताकर सौदा कर रहे थे। बताया जाता है कि बल्ब के जरिए किसी भी चीज की गहराई तक देख लेने की क्षमता आ जाती है। कई अन्य खासियतें भी हैं। इसे सुनकर दो गाड़ियों पर सवार अंबेडकरनगर के थाना अलीगंज के खासपुर टांडा निवासी अंकित और दुर्गेश कुमार, कानपुर के इमानुल, लखनऊ निवासी लालजी सिंह और फैजाबाद के रामआशीष गुप्ता सहित दस लोग इसे खरीदने आए थे। धौरहरा कोतवाली के चंदपुरा गांव के पास दोनों पक्षों के बीच सौदा हो गया। बताया जाता है कि खरीदारों ने दस लाख रुपये देकर करामाती बल्ब खरीद लिया।

इसी बीच कहीं से सूचना पाकर धौरहरा यूपी 112 के जवान वहां पहुंच गए। पीआरवी को आता देखकर ठग तो पहले ही चंपत हो गए। खरीदार भी भागने लगे। इनमें से एक गाड़ी ढखेरवा और दूसरी धौरहरा की तरफ भागी। ये देखकर धौरहरा पीआरवी के जवानों ने ढखेरवा की तरफ भागी गाड़ी को रोकने के लिए निघासन पीआरवी जवानों को फोन कर दिया। पीआरवी जवानों ने दोनों गाड़ियों में सवार दस खरीदारों को पकड़ लिया। इसमें सवार लोगों से पुलिस ने लाल रंग के एलईडी बल्ब जैसा एक कथित करामाती बल्ब भी बरामद किया है। निघासन पीआरवी के सिपाही इन लोगों को ढखेरवा पुलिस चौकी ले गए। वहां से इनको आनन-फानन में निघासन कोतवाली भेज दिया गया। बाद में इन सभी को वापस धौरहरा कोतवाली भेजा गया।

पीआरवी के पहुंचने से पहले ही भाग निकले ठग

बताया जाता है कि चंदपुरा गांव के पास जहां लेनदेन हो रहा था, वहां पीआरवी जवानों के पहुंचने के पहले ही ठग भाग निकले थे। बताया जाता है कि लेनदेन की जगह पर पुलिस के पहुंचने के साथ ही किसी ने फोन पर ठगों को मौके से निकल लेने की बात कह दी थी। इसके बाद ठग वहां से जल्दबाजी में भाग निकले थे। इस मामले में ढखेरवा पुलिस चौकी के एक पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध बताई जाती है।

निघासन भेजने पर नाराज दिखे ढखेरवा पीआरवी जवान

करामाती बल्ब के खरीदारों की ढखेरवा की तरफ भागी गाड़ी को धौरहरा की यूपी 112 ने दौड़ाया। धौरहरा से ढखेरवा की ओर भाग रहे इन लोगों को पकड़ने के लिए निघासन कोतवाली की पीआरवी को सूचना दी गई। ढखेरवा में इस गाड़ी को लखीमपुर रोड पर पकड़ लिया गया। वहां से निघासन पीआरवी के जवान सभी को ढखेरवा चौकी लाए। वहां मौजूद दीवान ने आनन-फानन में सभी को निघासन कोतवाली भेज दिया। इसके थोड़ी देर बाद वहां पहुंचे धौरहरा पीआरवी के लोगों ने एतराज किया। हालांकि बाद में पूरा मामला जानने के बाद निघासन कोतवाल डीके सिंह ने सभी को दुबारा धौरहरा कोतवाली भेज दिया।

गाड़ी में सवार कुछ लोग पकड़े गए थे। उनको ढखेरवा चौकी से निघासन कोतवाली भेज दिया गया था। चूंकि घटनास्थल धौरहरा कोतवाली के चंदपुरा गांव के पास है। इसी वजह से उनको वापस धौरहरा कोतवाली भेज दिया गया है। किसके साथ, किस बात पर, किसी चीज के लिए और कितने रुपये की ठगी की गई है, यह सारी जानकारी नहीं है। इसकी छानबीन धौरहरा पुलिस करेगी।

- प्रदीप कुमार वर्मा, सीओ निघासन

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  • Web Title:Police caught ten people fleeing buying enchanting bulbs