स्थायीकरण, मानदेय 30 हजार की मांग को पंचायत सहायकों का प्रदर्शन
पंचायत सहायकों ने 30 हजार रुपए मानदेय, स्थायी सेवा नियमावली, और आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने की मांग को लेकर धरना दिया। वर्तमान में उन्हें केवल 6 हजार रुपए मिल रहे हैं, जिससे परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो रहा है। 15 जून को लखनऊ में आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

30 हजार रुपए मानदेय या न्यूनतम कुशल मजदूरी, अनुबंध प्रणाली समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाने, आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने सहित अन्य मांगों को लेकर पंचायत सहायकों ने सोमवार को धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। पहले कलक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा। इसके बाद विकास भवन पहुंच गए। सीडीओ कार्यालय के बाहर पहुंचे डीपीआरओ को ज्ञापन देकर कई मुद्दों पर वार्ता की। पंचायत सहायकों ने 15 जून को लखनऊ में आन्दोलन की चेतावनी दी। पंचायत सहायकों का कहना है कि उनको मात्र छह हजार रुपए प्रति माह मानदेय मिल रहा है। महंगाई के इस दौर में इतने कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो रहा है।
बच्चों की पढ़ाई, दवाओं का खर्च नहीं निकल पा रहा है। पंचायत सहायकों ने कहा कि उनसे कई विभागों का काम लिया जाता है जबकि मानदेय महज छह हजार मिल रहा है। पंचायत सहायकों ने कहा कि उनका स्थायीकरण किया जाए और सेवा नियमावली बनाई जाए। ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। शादी के बाद महिला पंचायत सहायकों का स्थानांतरण समायोजन किया जाए। कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के बाद ज्ञापन सौंपा। यहां पहुंचे धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी को भी ज्ञापन दिया। इसके बाद विकास भवन पहुंच गए। यहां डीपीआरओ से मांगों को लेकर वार्ता की। इस दौरान जिलाध्यक्ष आशीष सहित सभी ब्लाकों के अध्यक्ष, मंत्री व पदाधिकारी मौजूद रहे।
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