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23 नवंबर, 2020|3:17|IST

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अब देश-विदेश तक जाएगा थारू थाली का स्वाद

अब देश-विदेश तक जाएगा थारू थाली का स्वाद

लखीमपुर-खीरी।

दुधवा नेशनल पार्क थारू जनजाति की संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने जा रहा है। इसमें सबसे पहले दुधवा में आने वाले सैलानियों को थारू व्यंजनों से सजी थाली मिलेगी। इससे विदेशियों को यहां के खाने का स्वाद के साथ संस्कृति को बेहतर तरीके से जानकारी मिलेगी। इसकी शुरुआत भी कर दी गई है।

दुधवा में अब तक कैंटीन का खाना मिलता था। वीआईपी के लिए गेस्ट हाउस में या तो अलग से खाना तैयार होता था या फिर पलिया से खाना लाना पड़ता था पर इस बार स्वाद बदला है। पार्क प्रशासन ने थारू थाली तैयार कराई है। इसमें थारू व्यंजन रहेंगे, जिसका अलहदा स्वाद पर्यटक ले सकेंगे। इसमें हर दिन का अलग-अलग मेन्यू भी तय किया गया है। थाल में दाल, चावल, सूखी सब्जी, तीन तरह के चावल, गेंहू, चावल और बेसन की रोटी के साथ ही मेवा मिश्रित दूध भी दिया जाएगा। इस थाल की कीमत 200 से 250 रुपये रखी गयी है। जबकि कैंटीन में सामान्य खाना 350 रुपए का है।

ईको विकास समिति की महिलाएं बना रही थाल

दुधवा के उप निदेशक मनोज सोनकर कहते हैं कि पार्क में थारू जनजाति के मिलने वाले थाल को इको विकास समिति की महिलाओं द्वारा खुद तैयार किया जाता है। शुद्धता के साथ ताजा खाना भी बाहर से आने वाले सैलानियों को देने की शुरुआत की गई है। इससे थारू जनजाति की महिला सशक्तिकरण को ही बल मिलेगा। इसके साथ ही थारू जनजाति को आर्थिक लाभ भी पहुंचेगा। इसमें 17 महिलाएं हैं।

इस बार 12 थारू हट की है सुविधा

दुधवा नेशनल पार्क में इस बार 12 थारू हटों को सैलानियों के लिए चलाया जा रहा है। इससे पहले चार ही थारू हट सैलानियों के लिए चलाए जा रहे थे। इन हटों की ऑनलाइन बुकिंग पहले ही करनी होती है।

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  • Web Title:Now the taste of Tharu Thali will reach the country and abroad