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तीसरे दिन भी जारी रहा लेखपालों का असहयोग आंदोलन

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का असहयोग आंदोलन विलोबी मेमोरियल हाल के मैदान में तीसरे दिन भी जारी रहा। धरना प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने सेवा निवृत्ति दिए गए मितौली के लेखपालों को तत्काल वापस लेने सहित अन्य समस्याओं को लेकर रोष जताया तथा डीएम को ज्ञापन देकर शीघ्र ही समस्याओं का निस्तारण करने की मांग की। डीएम को दिए ज्ञापन में लेखपालों ने बताया है कि तहसील मितौली में दो लेखपालों को जबरन अनिवार्य सेवा निवृत्ति दे दी गई है।

इसको लेकर लेखपाल संघ ने एसडीएम मितौली से सेवानिवृत्ति वापस लेने की मांग की थी उस समय एसडीएम मितौली ने लेखपालों के प्रकरण को तत्काल निरस्त करने का आश्वासन दिया था तभी निर्णय लिया गया था कि यदि 31 अक्टूबर तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो असहयोग आंदोलन किया जाएगा लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इससे आहत लेखपालों ने असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया है। लेखपालों ने मांग की है कि लेखपालों के सेवानिवृत्ति के निर्णय को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, एसडीएम मितौली 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं तथा तहसील मुख्यालय पर सुबह 9.00 बजे से 11.00 बजे तक नहीं बैठते हैं, समय समय पर लेखपालों की समस्याओं का निस्तारण करने में रुचि नहीं दिखाते हैं। विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष रामकुमार दीक्षित, जिलामंत्री अतुल कुमार वाजपेयी, रामटहल वर्मा, प्राथमिक शिक्षक शिक्षक संघ के अध्यक्ष संजीव त्रिपाठी, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष महंत सिंह सहित तमाम लोग शामिल रहे।

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  • Web Title:Non-cooperation movement of the Lekhpal continued for the third day