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25 जनवरी, 2021|7:04|IST

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नया साल: कोविड काल में पहली बार हाउसफुल हुआ दुधवा

नया साल: कोविड काल में पहली बार हाउसफुल हुआ दुधवा

पलियाकलां-खीरी।

कोविड-19 के दौरान सरकार की जारी गाइड लाइनों का पालन करते हुए शुक्रवार को दुधवा टाइगर रिजर्व में नए साल पर जंगल सफारी होगी। नवंबर से लेकर आधे दिसंबर तक दुधवा टाइगर रिजर्व में सैलानियों की काफी कम आमद रही थी। लेकिन नए साल के जश्न को लेकर पिछले एक सप्ताह से दुधवा टाइगर रिजर्व के सभी रेस्ट व गेस्ट हाउस सैलानियों से भर गए हैं। जो कि दो जनवरी तक सैलानियों से खचाखच भरे रहेंगे।

2020 के मार्च माह में कोविड-19 की दस्तक के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र पर विराम लगा दिया गया था, जिसके चलते दुधवा पहुंचने वाले सैलानियों के साथ दुधवा के राजस्व को भी भारी नुकसान हुआ था। 15 नवंबर से खुलने वाले दुधवा के शीतकालीन सत्र को एक नवंबर से सैलानियों के लिए खोल दिया गया था। एक नवंबर से दुधवा के द्वार खुलने के बाद भी पर्यटकों की संख्या काफी कम पहुंच रही थी। दुधवा सत्र में पहली बार नए साल के जश्न को लेकर सैलानियों से हाउसफुल हुआ है। बड़ी संख्या में दुधवा पहुंचे सैलानियों से वन निगम से लेकर दुधवा के सभी रेस्ट व गेस्ट हाउस सैलानियों से खचाखच भर गए हैं। जो कि 2 दिसंबर तक फुल रहेंगे। कोविड-19 के मद्देनजर 6 साल से कम व 60 साल से ऊपर के सैलानियों के जंगल सफारी पर पाबंदी रहेगी। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जिप्सी पर सवार होने वाली सैलानियों की भी संख्या में कमी की गई है।

-पार्क प्रशासन के द्वारा की गई व्यवस्थाओं की झलकियां

-दुधवा पार्क, टाइगर रिजर्व में सैलानियों को नो मास्क-नो एंट्री के निर्देश का हो रहा पालन।

-जंगल में मास्क उतारने पर पार्क प्रशासन वसूलेगा 500 रुपये जुर्माना।

इन स्थानों पर होगा सैलानी और बाघ का आमना सामना

दुधवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वैसे तो बाघ के दीदार सैलानियों को कहीं पर भी हो सकते हैं। लेकिन किशनपुर में सबसे अधिक बाघ के दीदार पर्यटकों को बेलडांडा रोड पर वाटर होल व झादी ताल के पास होते हैं। पिछले सत्र में इन स्थानों पर सैकड़ों बार सैलानी व बाघ आमने-सामने हुए है। वहीं दुधवा क्षेत्र के भदरौला ताल व गुलरी घाट में बाघ की सबसे अधिक साइटिंग होती है।किशनपुर में बाघों के साथ भालूओं की भी जमकर साइटिंग हो रही है।

-सैलानियों के ठहरने की यह रहती है मांग

दुधवा टाइगर रिजर्व में सैलानियों के लिए वैसे तो आधुनिक सुविधाओं से लैस हट बने हैं। जिसमें दुधवा में 14, सठियाना में 04, पर्यटन परिसर में डॉरमेट्री जिसमें कुल बेड 20 की भी सुविधा उपलब्ध है। बनकटी में 04 रेस्ट हाउस, किशनपुर में 02, सठियाना में 04 व सोनारीपुर में भी 04 रेस्ट हाउस उपलब्ध है। लेकिन जंगल के बीच रुकने वाले सैलानियों की सबसे अधिक डिमांड किशनपुर व सोनारीपुर है। वहीं सैलानियों के बीच चहल पहल में रुकने के बीच की जगह दुधवा के पर्यटन परिसर में बने हट हैं।

इस सत्र में सैलानियों को नहीं हो रहे दुर्लभ गैंडों के दीदार

कोरोना से इस बार दुधवा टाइगर रिजर्व में पहुंचने वाले सैलानियों को एक सींग वाले दुर्लभ गैंडों के दीदार नहीं हो पा रहे हैं। पार्क प्रशासन ने कोरोना संक्रमण को लेकर एलीफेंट राइडिंग पर पाबंदी लगा रखी है। दुधवा में कुल 38 गैंडे वास करते हैं। जिसमें फेज वन में 34 व फेज टू में 4 गैंडे विचरण करते हैं। हाथी पर सवार होकर एक सींग वाले गैंडों को देखकर सैलानी खासा गदगद हो उठते थे।

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  • Web Title:New year Dudhwa became houseful for the first time in Kovid period