पोषाहार के हर पैकेट की होगी निगरानी, ट्रैकिंग को नई व्यवस्था लागू
आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषाहार के हर पैकेट की निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। सभी पैकेटों पर बारकोड होगा, जिसे कार्यकत्रियां मोबाइल से स्कैन करेंगी। पोषाहार का वितरण आधार आधारित चेहरा प्रमाणीकरण से होगा। हालांकि, अभी तक पोषाहार की आपूर्ति में देरी हो रही है।

आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों व महिलाओं को बंटने वाले पोषाहार के हर पैकेट की अब निगरानी होगी। इसके लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। फर्म से जो भी पैकेट तैयार होंगे उन सभी पर बारकोड दर्ज होगा। केन्द्र पर पोषाहार पहुंचते ही कार्यकत्रियां मोबाइल से बारकोड स्कैन करेंगे तो उनके स्टाक में दर्ज हो जाएगा। किस दिन किस समय किस केन्द्र पर पोषाहार पहुंचा इसकी मानीटरिंग इसी ऐप से होगी। कार्यकत्रियां लाभार्थियों को आधार बेस्ड फेस रीडिंग से पोषाहार बांटेंगी। हालांकि अप्रैल बीत गया, मई बीतने को है लेकिन पोषाहार अब तक नहीं आया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर नेफेड व टीएचआर प्लांट से पोषाहार की आपूर्ति की जाती है। अब तक नेफेड से जो पोषाहार तैयार होकर आता था उसको पहले नेफेड अपने गोदाम में रखवाती थी। इसके बाद ब्लाकों के सीडीपीओ कार्यालय गोदाम में रखा जाता जा फिर केन्द्रों पर भेजा जाता था। इसमें कई दिनों का समय लग जाता था साथ ही पोषाहार केन्द्र पर कम पहुंचने आदि की शिकायतें होती थी। अब नेफेड ने इसके लिए ईएलएमडी ऐप लांच किया है। यह ऐप सभ कार्यकत्रियों के मोबाइल पर स्टाल कराकर लॉगिन कराया जा रहा है। नेफेड से सीधे आंगनबाड़ी केन्द्र पर पोषाहार उतारा जाएगा। कार्यकत्रियां ऐप से बारकोड स्कैन करेंगी और उनको कितना पोषाहार मिला यह दर्ज हो जाएगा। नेफेड के अधिकारियों के साथ ही बाल विकास पुष्टाहार विभाग की सुपरवाइजर, सीडीपीओ व डीपीओ भी ऐप से जानकारी कर सकेंगे कि किन केन्द्रों पर किस समय पोषाहार पहुंचा है। इससे समय पर पोषाहार केन्द्रों पर पहुंच जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद ने बताया नेफेड के लांच किए गए ईएलएमडी ऐप को सभी कार्यकत्रियों के मोबाइल में स्टाल कराया जा रहा है। सभी पैकेटों पर क्यूआर कोड होगा। कार्यकत्रियां इसे स्कैन करेंगी। यह व्यवस्था इसी वित्तीय वर्ष से लागू हो गई है。
अगर कहीं पैकेट मिला तो पता चल जाएगा किस केन्द्र का है
-पोषाहार को लेकर कई बार शिकायतें हुईं कि बाजार में बेच दिया गया। जांच में पता नहीं चल पाता था कि यह पोषाहार किस केन्द्र का है। अब पोषाहार के पैकेट पर दर्ज बार कोड स्कैन करते ही पता चल जाएगा कि यह पैकेट किस केन्द्र को भेजा गया था।
चेहरा प्रमाणीकरण से होगा वितरण
-आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को पोषाहार वितरण चेहरा प्रमाणीकरण से होगा। सभी लाभार्थियों का आधार सत्यापन किया गया है। अब पोषाहार लेने के लिए लाभार्थी को ही केन्द्र पर जाना होगा। कार्यकत्रियां पोषण ट्रैकर ऐप से आधार बेस्ड चेहराप्रमाणीकरण करेंगी। इसके बाद ही लाभार्थी को पोषाहार मिलेगा। इससे लाभार्थी को पोषाहार न मिलने की शिकायतों पर भी विराम लगेगी। हालांकि अब लाभार्थी को खुद ही पोषाहार लेने जाना होगा। परिवार के किसी अन्य सदस्य को भेजने पर पोषाहार नहीं मिलेगा
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