सम्मान निधि के लिए अब किसानों की होगी वार्षिक ई-केवाईसी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि प्राप्त कर रहे किसानों की वार्षिक ई-केवाईसी अब अनिवार्य कर दी गई है। इसके बिना किसानों की सम्मान निधि रोकी जाएगी। ई-केवाईसी के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिसमें मोबाइल से घर से या जन सेवा केंद्र पर बायोमेट्रिक पद्धति से कराया जा सकता है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि प्राप्त कर रहे किसानों की अब वार्षिक ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। इसके लिए भारत सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए यह व्यवस्था की गई है। वार्षिक ई-केवाईसी न कराने वाले किसानों की सम्मान निधि रोक दी जाएगी। ई-केवाईसी होने के बाद ही किसानों के खाते में सम्मान निधि की अगली किस्त भेजी जाएगी। उपकृषि निदेशक गिरीश चंद्र मिश्रा ने बताया कि सम्मान निधि ले रहे किसानों की वार्षिक ई-केवाईसी कराने को लेकर भारत सरकार से आदेश किया गया है। अब जो किसान निर्धारित अवधि में वार्षिक ई-केवाईसी नहीं कराएंगे उनकी किस्त रोक दी जाएगी। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए ई-केवाईसी के कई विकल्प हैं। किसान मोबाइल से घर से ही अपनी ई-केवाईसी कर सकेंगे। इसके अलावा जन सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक से भी ई-केवाईसी करा सकेंगे। आधार और आधार से लिंक मोबाइल नंबर होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जो किसान सम्मान निधि प्राप्त कर रहे हैं वह अपनी ई-केवाईसी जरूर करा लें। जिससे सम्मान निधि की अगली किस्त मिलने में उनको कोई दिक्कत न हो。
किसानों को मिलने वाली किस्तें
दो-दो हजार रुपए तीन किस्त में मिलते हैं
-प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को साल में छह हजार रुपए सरकार देती है। दो-दो हजार रुपए की तीन किस्तें एक साल में किसानों के खाते में भेजी जाती है। जिले के करीब छह लाख किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकृत हैं। डीडी कृषि ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष की किस्त आने से पहले सभी किसानों को ई-केवाईसी करानी जरूरी है।
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