वन विभाग पर भड़के लोग, फूटा गुस्सा, बंद किया रोड
ईसानगर के लालजीपुरवा गांव में तेंदुए के हमले में एक सात वर्षीय बच्चे शुभम की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की लापरवाही को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय विधायक ने घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को शांत करने की कोशिश की और वन विभाग के अधिकारियों को बुलाया।

ईसानगर। धौरहरा वन रेंज के लालजीपुरवा गांव में रविवार शाम तेंदुए के हमले में एक सात वर्षीय मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। वन विभाग की लापरवाही और स्थानीय ईसानगर स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के न मिलने से नाराज सैकड़ों लोगों ने ईसानगर-खमरिया रोड पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे स्थानीय विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने आक्रोशित जनता को शांत कराने का प्रयास किया और वन विभाग के उच्च अधिकारियों को तत्काल मौके पर तलब किया। सीओ शमशेर बहादुर, एसओ खमरिया निर्मल तिवारी, एसएचओ धौरहरा विवेक कुमार शर्मा मौके पर मौजूद रहे। लालजीपुरवा गांव निवासी जवाहर अपने खेत की सिंचाई करने गए थे।
उनके साथ उनका सात वर्षीय बेटा शुभम भी था। जवाहर जब खेत में पानी चला रहे थे, तभी अचानक गन्ने के खेत से निकले एक तेंदुए ने शुभम पर हमला कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे घायल शुभम को तुरंत नजदीकी ईसानगर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। एक फार्मासिस्ट मिला, उसने खमरिया सीएचसी जाने को कह दिया। परिजन आनन-फानन में बच्चे को लेकर खमरिया के लिए रवाना हुए, लेकिन एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल की इस भागदौड़ के बीच मासूम शुभम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मासूम की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने ईसानगर-खमरिया मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि यह तेंदुआ पिछले कई दिनों से इलाके में घूम रहा था और इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। विभाग की इसी उदासीनता के कारण आज एक मासूम की जान चली गई। सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय धौरहरा विधायक मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। जनता के गुस्से को देखते हुए विधायक ने तत्काल वन विभाग के बड़े अफसरों को फोन कर मौके पर तलब किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में तुरंत पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ा जाए और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उचित मुआवजा व सहायता राशि प्रदान की जाए। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन लोगों को शांत कराने और जाम खुलवाने के प्रयास में जुटा था।
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